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कानून मंत्री ने आश्वासन दिया है कि हाईकोर्ट जजों के लिए की गई 106 सिफारिशों को जल्द ही मंजूरी दी जाएगी: सीजेआई एनवी रमाना

LiveLaw News Network
2 Oct 2021 10:04 AM GMT
कानून मंत्री ने आश्वासन दिया है कि हाईकोर्ट जजों के लिए की गई 106 सिफारिशों को जल्द ही मंजूरी दी जाएगी: सीजेआई एनवी रमाना
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भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमाना ने शनिवार को कहा कि केंद्र सरकार ने मई से अब तक उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के लिए कॉलेजियम द्वारा की गई 106 सिफारिशों में से कुछ को मंजूरी दे दी है और केंद्रीय कानून मंत्री ने उन्हें सूचित किया है कि बाकी सिफारिशों को एक या दो दिन के भीतर अंतिम रूप दिया जाएगा।

सीजेआई रमाना ने कहा,

"लोकतंत्र की गुणवत्ता न्याय की गुणवत्ता पर टिकी हुई है; एक स्वस्थ लोकतंत्र के लिए एक जीवंत न्यायपालिका आवश्यक है। COVID-19 महामारी ने न्यायपालिका सहित कई संस्थानों के लिए कई समस्याएं पैदा की हैं। बड़ी रिक्तियों और अदालतों के काम न करने और ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में वर्चुअल कॉन्फ्रेंसिंग सुविधाओं की कमी से विभिन्न मंचों के अलावा हजारों मामले एकत्र हुए हैं।"

सीजेआई ने आगे कहा कि मेरे साथी न्यायाधीशों और मैंने वादियों को तेजी से न्याय दिलाने में सक्षम बनाने का प्रयास किया है। मई के बाद हमने विभिन्न उच्च न्यायालय के लिए 106 से अधिक न्यायाधीशों और विभिन्न उच्च न्यायालयों के 9 मुख्य न्यायाधीश की सिफारिश की। सरकार ने उनमें से कुछ को मंजूरी दे दी है और माननीय कानून मंत्री ने आश्वासन दिया है कि बाकी सिफारिशों को एक या दो दिन के भीतर अंतिम रूप दिया जाएगा।

सीजेआई रमाना ने कहा,

"मैं इन रिक्तियों को भरने के लिए सरकार को धन्यवाद देता हूं और लोगों को न्याय तक त्वरित पहुंच प्रदान करना सुनिश्चत हो पाया। ये नियुक्तियां कुछ हद तक लम्बित का ध्यान रखेंगी। मैं न्याय तक पहुंच को सक्षम बनाने और लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए के लिए सरकार से सहयोग और समर्थन चाहता हूं।"

सीजेआई, जो राष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण (NALSA) के संरक्षक-इन-चीफ भी हैं, 2 अक्टूबर, 2021 को विज्ञान भवन, नई दिल्ली से अखिल भारतीय जागरूकता और आउटरीच अभियान के शुभारंभ पर बोल रहे थे। भारत के राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद मुख्य अतिथि थे।

कार्यक्रम में केंद्रीय कानून और न्याय मंत्री किरेन रिजिजू, न्यायमूर्ति यू यू ललित, कार्यकारी अध्यक्ष, नालसा और न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर, अध्यक्ष, सर्वोच्च न्यायालय कानूनी सेवा समिति की उपस्थिति भी देखी गई।

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