एडवोकेट वी. मोहना ने रचा इतिहास: पांच साल बाद सुप्रीम कोर्ट को मिली नई महिला जज
Amir Ahmad
2 Jun 2026 12:48 PM IST

देश की सुप्रीम कोर्ट को करीब पांच वर्ष बाद एक नई महिला जज मिली। सीनियर एडवोकेट वी. मोहना के सुप्रीम कोर्ट में जज के रूप में नियुक्त होने के साथ में सुप्रीम कोर्ट में महिला जजों की संख्या बढ़कर दो हो गई। अब जस्टिस बी.वी. नागरत्ना के साथ जस्टिस वी. मोहना भी सुप्रीम कोर्ट की पीठ का हिस्सा होंगी।
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 27 मई को चार हाइकोर्टों के चीफ जस्टिस और सीनियर एडवोकेट वी. मोहना के नाम सुप्रीम कोर्ट में नियुक्ति के लिए केंद्र सरकार को भेजे थे। केंद्र ने 31 मई को इन सिफारिशों को मंजूरी दी, जिसके बाद सोमवार को सभी पांच नियुक्तियों ने शपथ ग्रहण कर ली।
वी. मोहना अगस्त 2021 के बाद सुप्रीम कोर्ट में नियुक्त होने वाली पहली महिला जज हैं। इससे पहले अगस्त 2021 में जस्टिस हिमा कोहली, जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस बेला त्रिवेदी को एक साथ सुप्रीम कोर्ट में नियुक्त किया गया था। वी. मोहना सीधे वकालत से सुप्रीम कोर्ट की जज बनने वाली दूसरी महिला हैं। इससे पहले यह उपलब्धि जस्टिस इंदु मल्होत्रा को मिली थी।
महिला प्रतिनिधित्व के लिहाज से यह नियुक्ति महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में एक समय ऐसा भी रहा जब एक साथ चार महिला जज सुप्रीम कोर्ट में कार्यरत थीं। अगस्त 2021 से सितंबर 2022 तक जस्टिस इंदिरा बनर्जी, जस्टिस हिमा कोहली, जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस बेला त्रिवेदी एक साथ सुप्रीम कोर्ट की पीठ में शामिल थीं। बाद में जस्टिस इंदिरा बनर्जी, जस्टिस हिमा कोहली और जस्टिस बेला त्रिवेदी के रिटायर होने के बाद केवल जस्टिस नागरत्ना ही महिला जज के रूप में कार्यरत हैं।
कोयंबटूर से सुप्रीम कोर्ट तक का सफर
वी. मोहना प्रथम पीढ़ी की वकील हैं। उन्होंने वर्ष 1988 में तमिलनाडु के कोयंबटूर में वकालत शुरू की थी। वर्ष 1992 में वह दिल्ली आ गईं और बाद में सुप्रीम कोर्ट की जज बनीं जस्टिस इंदु मल्होत्रा के कार्यालय से जुड़ीं। उन्होंने सीनियर एडवोकेट सी.एस. वैद्यनाथन के साथ भी काम किया। वर्ष 1996 में उन्होंने एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड परीक्षा उत्तीर्ण की और 2015 में उन्हें सीनियर एडवोकेट डेजिग्नेशन दी गई।
वी. मोहना के अलावा जस्टिस शील नागू, जस्टिस श्री चंद्रशेखर, जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस अरुण पल्ली ने भी सुप्रीम कोर्ट के जज के रूप में शपथ ली।
इन नियुक्तियों के बाद सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़कर 37 हो गई, जबकि स्वीकृत पदों की कुल संख्या 38 है। महिला प्रतिनिधित्व और विविधता के दृष्टिकोण से वी. मोहना की नियुक्ति को न्यायपालिका में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।

