चूहे खा गए रिश्वत की रकम: सुप्रीम कोर्ट की तीखी टिप्पणी, कहा- राज्य को भारी राजस्व नुकसान
Amir Ahmad
25 April 2026 12:34 PM IST

सुप्रीम कोर्ट ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दोषी ठहराई गई महिला को जमानत देते हुए उस दावे पर हैरानी जताई कि मामले में बरामद रिश्वत की रकम चूहों द्वारा नष्ट कर दी गई। अदालत ने कहा कि इस तरह की स्थिति राज्य के लिए भारी राजस्व नुकसान का कारण बन सकती है।
जस्टिस जे. बी. पारडीवाला और जस्टिस के. वी. विश्वनाथन की खंडपीठ ने कहा,
“हमें यह जानकर आश्चर्य हुआ कि मुद्रा नोट चूहों ने नष्ट कर दिए। हम सोचते हैं कि ऐसे मामलों में बरामद कितनी रकम इसी तरह नष्ट हो जाती होगी। यह राज्य के लिए बड़ा राजस्व नुकसान है।”
अदालत ने यह भी कहा कि नोट नष्ट होने के संबंध में दिया गया स्पष्टीकरण विश्वास पैदा नहीं करता।
मामला एक महिला अधिकारी से जुड़ा है, जो उस समय बाल विकास कार्यक्रम अधिकारी के पद पर कार्यरत थीं। उन पर 10 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप था। निचली अदालत ने उन्हें बरी कर दिया था, लेकिन बाद में पटना हाइकोर्ट ने निचली अदालत का फैसला पलटते हुए दोषी ठहराया और सजा सुनाई।
हाईकोर्ट ने उन्हें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत चार वर्ष और तीन वर्ष के कठोर कारावास की सजा दी थी।
सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल इस सजा पर रोक लगाते हुए महिला को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। जमानत की शर्तें ट्रायल कोर्ट तय करेगा।
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने पटना हाईकोर्ट के उस अवलोकन पर भी ध्यान दिया, जिसमें कहा गया कि जब्त की गई रिश्वत की रकम वाला लिफाफा चूहों द्वारा नष्ट किया गया। हालांकि मालखाना रजिस्टर में उसकी प्रविष्टि मौजूद है।
पटना हाईकोर्ट ने माना था कि केवल रकम का नष्ट हो जाना अभियोजन के मामले को कमजोर नहीं करता, यदि अन्य साक्ष्य दोष सिद्ध करने के लिए पर्याप्त हों।
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने संकेत दिया कि इस पहलू की अंतिम सुनवाई के समय विस्तार से जांच की जाएगी।

