Top
Begin typing your search above and press return to search.
ताजा खबरें

तीस हजारी कोर्ट फ़ायरिंग : दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की, 3 जज अस्पताल में घायल वकीलों से मिलने पहुंचे

LiveLaw News Network
3 Nov 2019 8:00 AM GMT
तीस हजारी कोर्ट फ़ायरिंग : दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की, 3 जज अस्पताल में घायल वकीलों से मिलने पहुंचे
x

दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति डीएन पटेल ने शनिवार को दिल्ली की तीस हजारी अदालत परिसर में हुई अधिवक्ताओं और दिल्ली पुलिस के बीच झड़प पर विचार-विमर्श करने के लिए उच्च न्यायालय के सात वरिष्ठतम न्यायाधीशों के साथ पांच घंटे लंबी बैठक की।

यह बैठक शनिवार रात लगभग 9.40 बजे हुई जिसमें संयुक्त पुलिस आयुक्त, नई दिल्ली, पुलिस उपायुक्त और दिल्ली के अतिरिक्त मुख्य सचिव, दिल्ली सरकार ने भी भाग लिया।

मुख्य न्यायाधीश ने इस मामले पर गंभीरता से विचार किया और वकीलों की सुरक्षा पर चिंता व्यक्त की। दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने बैठक में बताया कि एफआईआर दर्ज कर ली गई है और जांच जारी है।

घायल वकीलों को देखने पहुंचे न्यायाधीश

दिल्ली उच्च न्यायालय के तीन न्यायाधीशों - जस्टिस जी एस सिस्तानी, जस्टिस एस मुरलीधर और जस्टिस विपिन सांघी ने शनिवार शाम को सेंट स्टीफंस अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती घायल वकीलों को देखा और उनके बारे में जानकारी ली। ये वकील शनिवार को पुलिस के साथ झड़प में घायल हो गए थे।

अधिवक्ता विजय वर्मा, जिन्हें सीने के दाहिनी ओर बुलेट लगी है, उनकी हालत स्थिर बताई गई है और उन्होंने न्यायाधीशों से बात की।

बार काउंसिल के साथ-साथ सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने वकीलों के इलाज के लिए सारे खर्च वहन करने का आश्वासन दिया है।

दिल्ली उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन (डीएचसीबीए) ने अपने सदस्यों से अनुरोध किया है कि वे सोमवार 4 नवंबर को काम से विरक्त रहकर घटना का सांकेतिक विरोध करें।

यह है पूरा मामला

उल्लेखनीय है कि शनिवार को तीस हजारी अदालत परिसर के भीतर पार्किंग विवाद को लेकर पुलिस और वकीलों के बीच हाथापाई हुई थी, जो बाद में और भी हिंसक हो गई और पुलिस ने गोलियां चलाई, जिसमें वकील घायल हुए।

स्थिति इतनी बिगड़ गई कि पुलिस की गोलीबारी से वकील घायल हो गए। इस झड़प का कारण अदालत परिसर के भीतर पार्किंग विवाद को बताया जा रहा है। पुलिस ने वकीलों पर गोलियां चलाईं, जिसमें वकील घायल हुए। इस घटना में कई वकील घायल हुए हैं और बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने इस मामले का संज्ञान लिया है और अपने एक दल को अदालत में भेजने और उसमें मौजूद स्थिति का आकलन करने का फैसला किया है

Next Story