भोजशाला-कमाल मौला विवाद: ASI सर्वे की वीडियो में दर्ज आपत्तियों पर हाईकोर्ट करेगा विचार, सुप्रीम कोर्ट को भरोसा
Amir Ahmad
1 April 2026 6:23 PM IST

सुप्रीम कोर्ट ने भोजशाला मंदिर-कमाल मौला मस्जिद विवाद मामले में बुधवार को कहा कि उसे इस बात पर कोई संदेह नहीं है कि मध्य प्रदेश हाइकोर्ट ASI सर्वे के दौरान वीडियोग्राफी में दर्ज आपत्तियों पर उचित रूप से विचार करेगा।
चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की पीठ इस मामले की सुनवाई कर रही थी।
मामला मौलाना कमालुद्दीन वेलफेयर सोसाइटी द्वारा दायर याचिका से जुड़ा है। सोसाइटी ने हाईकोर्ट में आवेदन देकर ASI सर्वे की वीडियो रिकॉर्डिंग और फोटो प्रस्तुत करने की मांग की थी। हालांकि, हाईकोर्ट ने इस आवेदन पर तत्काल सुनवाई न करते हुए कहा था कि इसे अंतिम सुनवाई के समय देखा जाएगा, जिसके खिलाफ याचिकाकर्ता सुप्रीम कोर्ट पहुंचा।
याचिकाकर्ता की ओर से सीनियर एडवोकेट सलमान खुर्शीद ने दलील दी कि सर्वे के दौरान खुदाई की गई, जो पहले दिए गए निर्देशों के विपरीत है और इस पर मस्जिद प्रबंधन ने आपत्तियां भी दर्ज कराईं, जो वीडियो में मौजूद हैं।
वहीं, हिंदू पक्ष की ओर से एडवोकेट विष्णु शंकर जैन ने कहा कि हाईकोर्ट ने अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया और मामला लंबित है।
सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने कहा,
“हम हाईकोर्ट से कहेंगे कि वह वीडियोग्राफी देखे और उसमें दर्ज आपत्तियों का ध्यान रखे।”
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि ASI द्वारा तैयार सर्वे रिपोर्ट सभी पक्षों को दी जा चुकी है और कुछ पक्षों ने अपनी आपत्तियां भी दाखिल कर दी हैं। साथ ही सर्वे के दौरान वीडियोग्राफी भी की गई, जिसमें याचिकाकर्ता की आपत्तियां दर्ज हैं।
अदालत ने विश्वास जताया कि हाईकोर्ट प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के तहत सभी आपत्तियों, विशेषकर वीडियो में दर्ज बिंदुओं पर विचार करेगा।
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उसने मामले के गुण-दोष पर कोई राय व्यक्त नहीं की और सभी मुद्दों को खुला रखा।

