BREAKING| बेंगलुरु नगर निगम चुनाव 30 जून तक पूरे करने का सुप्रीम कोर्ट का निर्देश

Amir Ahmad

12 Jan 2026 1:55 PM IST

  • BREAKING| बेंगलुरु नगर निगम चुनाव 30 जून तक पूरे करने का सुप्रीम कोर्ट का निर्देश

    सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को बेंगलुरु नगर निगम (ब्रुहत बेंगलुरु महानगर पालिका BBMP) के चुनावों को लेकर बड़ा आदेश देते हुए पूरी चुनाव प्रक्रिया 30 जून 2026 तक हर हाल में पूरी करने का निर्देश दिया।

    चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की खंडपीठ ने कर्नाटक सरकार को 20 फरवरी, 2026 तक वार्डवार आरक्षण की अंतिम अधिसूचना जारी करने का आदेश दिया। कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि इसके लिए आगे कोई समय-सीमा नहीं बढ़ाई जाएगी।

    राज्य सरकार की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी ने अदालत को बताया कि आरक्षण अधिसूचित करने का कार्य एक महीने के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। इस पर खंडपीठ ने साफ शब्दों में कहा कि अब किसी भी प्रकार का अतिरिक्त समय नहीं दिया जाएगा।

    वहीं, राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से सीनियर एडवोकेट के.एन. फणींद्र ने खंडपीठ को अवगत कराया कि अंतिम मतदाता सूची 16 मार्च, 2026 को प्रकाशित की जाएगी। उन्होंने कहा कि बोर्ड परीक्षाओं के कारण स्कूल और कॉलेज मई के अंत तक उपलब्ध नहीं होंगे, इसलिए चुनाव मई के अंत में ही कराए जा सकते हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि 26 मई को बोर्ड परीक्षाएं समाप्त होते ही चुनाव कार्यक्रम घोषित कर दिया जाएगा, क्योंकि मतदान कार्य के लिए स्कूल और शिक्षक आवश्यक होते हैं।

    इस पर सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि बोर्ड परीक्षाएं समाप्त होते ही चुनाव कराए जाएं। कोर्ट ने सख्त लहजे में कहा,

    “हर स्थिति में BBMP के चुनाव 30 जून 2026 से पहले पूरे कर लिए जाएं।”

    मामले की पृष्ठभूमि

    यह मामला कर्नाटक हाइकोर्ट के 4 दिसंबर, 2020 के उस फैसले से जुड़ा है, जिसमें राज्य निर्वाचन आयोग को निर्देश दिया गया था कि वह अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने के छह सप्ताह के भीतर BBMP चुनाव कराए। सुप्रीम कोर्ट ने 18 दिसंबर 2020 को उस आदेश पर रोक लगा दी थी।

    इसके बाद वर्ष 2022 में सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक सरकार को BBMP वार्डों के परिसीमन की प्रक्रिया पूरी करने और आठ सप्ताह के भीतर अधिसूचना जारी करने का निर्देश दिया था।

    दिसंबर, 2020 के फैसले में कर्नाटक हाइकोर्ट की खंडपीठ ने कर्नाटक नगर निगम तृतीय संशोधन अधिनियम, 2020 की संवैधानिक वैधता बरकरार रखी थी, जिसके तहत BBMP में वार्डों की संख्या बढ़ाई गई। हालांकि, हाइकोर्ट ने यह भी कहा था कि यह संशोधन उन निगमों के चुनावों पर लागू नहीं होगा, जो संविधान के अनुच्छेद 243 के तहत संशोधन से पहले कराए जाने थे।

    हाइकोर्ट ने राज्य सरकार को 23 जून, 2020 की परिसीमन अधिसूचना के अनुसार 198 वार्डों के लिए आरक्षण की अंतिम अधिसूचना एक महीने में जारी करने का निर्देश दिया। इस आदेश को कर्नाटक सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।

    राज्य सरकार का तर्क था कि BBMP के चुनाव 198 नहीं, बल्कि 243 वार्डों के लिए कराए जाने चाहिए, क्योंकि संशोधन अधिनियम के तहत वार्डों की संख्या बढ़ाई जा चुकी है।


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