BREAKING| BCI ने महिला सदस्यों के सह-विकल्प के लिए पैनल बनाने का निर्देश फिलहाल रोका, 16 अगस्त की बैठक भी स्थगित

Amir Ahmad

13 Aug 2026 12:42 PM IST

  • BREAKING| BCI ने महिला सदस्यों के सह-विकल्प के लिए पैनल बनाने का निर्देश फिलहाल रोका, 16 अगस्त की बैठक भी स्थगित

    बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने राज्य बार काउंसिलों को महिला सदस्यों के सह-विकल्प के लिए चार नामों का पैनल तैयार करने के अपने 11 अगस्त के निर्देश को फिलहाल रोक दिया। BCI ने कहा है कि चुनाव से जुड़े मुद्दे सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित उच्चाधिकार प्राप्त चुनाव पर्यवेक्षण समिति के समक्ष विचाराधीन हैं, इसलिए इस स्तर पर महिला सदस्यों के नामों की पहचान करना जल्दबाजी हो सकती है।

    BCI ने 11 अगस्त को सभी राज्य बार काउंसिलों को 16 अगस्त को बैठक बुलाकर चार महिला सदस्यों का पैनल तैयार करने और उसे संबंधित हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के समक्ष भेजने का निर्देश दिया था ताकि दो महिला सदस्यों का सह-विकल्प किया जा सके।

    अब 12 अगस्त को राज्य बार काउंसिलों के सचिवों को भेजे गए नए पत्र में BCI ने कहा कि उसका 11 अगस्त का पत्र फिलहाल अगले निर्देश तक स्थगित रहेगा। इसके साथ ही 16 अगस्त को प्रस्तावित बैठक पर भी रोक लगाई गई।

    BCI ने यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के 4 अगस्त के आदेश के मद्देनजर लिया। यह आदेश योगमाया एम.जी. बनाम भारत संघ एवं अन्य मामले में पारित हुआ था, जिसमें संबंधित हाईकोर्ट के चीफ जस्टिसों से बार काउंसिलों में सह-विकल्प के जरिए दो महिला सदस्यों का चयन करने का अनुरोध किया गया।

    BCI ने यह भी ध्यान में रखा कि सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व सुप्रीम कोर्ट जस्टिस सुधांशु धूलिया की अध्यक्षता वाली उच्चाधिकार प्राप्त चुनाव पर्यवेक्षण समिति को चुनाव से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विचार करने का निर्देश दिया। इनमें चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों, विशेषकर महिला उम्मीदवारों के बीच हस्तांतरणीय मतों की गणना की प्रक्रिया से जुड़े सवाल भी शामिल हैं।

    BCI के अनुसार चुनाव प्रक्रिया से संबंधित शिकायतें और विवाद, जिनमें उम्मीदवारों के बहिष्कार, बाहर किए जाने, क्रम निर्धारण या चुनावी स्थिति को प्रभावित करने वाले मुद्दे शामिल हैं, उच्चाधिकार प्राप्त चुनाव पर्यवेक्षण समिति, चुनाव समितियों, न्यायाधिकरणों या सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत काम करने वाले अन्य सक्षम प्राधिकारियों के समक्ष लंबित हैं या भविष्य में उनके समक्ष आ सकते हैं।

    BCI ने कहा कि इन कार्यवाहियों में होने वाला कोई भी फैसला किसी महिला उम्मीदवार की चुनावी स्थिति या दर्जे को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में संबंधित राज्य बार काउंसिल में महिला प्रतिनिधित्व और महिला सदस्यों के सह-विकल्प से जुड़े तथ्यों पर भी इसका असर पड़ सकता है।

    BCI ने अपने नए पत्र में कहा कि ऐसी परिस्थितियों में 11 अगस्त के पत्र के तहत चार नामों की पहचान और सिफारिश की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना जल्दबाजी होगी। इससे अलग-अलग प्रक्रियाओं के बीच अनावश्यक टकराव पैदा हो सकता है या सक्षम प्राधिकारी के बाद के फैसले के साथ असंगति की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

    BCI ने कहा कि संस्थागत सावधानी के तौर पर मौजूदा स्थिति को बनाए रखना उचित होगा और संबंधित मुद्दों पर सक्षम मंचों के फैसले का इंतजार किया जाएगा। इसलिए 11 अगस्त 2026 का उसका पत्र और उसके आधार पर 16 अगस्त को प्रस्तावित बैठक फिलहाल अगले निर्देश तक स्थगित रहेगी।

    राज्य बार काउंसिलों को यह भी निर्देश दिया गया कि यदि 11 अगस्त के पत्र के आधार पर कोई प्रारंभिक कदम पहले ही उठाया जा चुका है तो फिलहाल उसके आधार पर आगे कोई कार्रवाई न की जाए। पहले से तैयार किसी सामग्री या सिफारिश को अंतिम नहीं माना जाएगा और केवल 11 अगस्त के पत्र के आधार पर उस पर कार्रवाई नहीं की जाएगी।

    BCI के 11 अगस्त के निर्देश के बाद महिला आरक्षण की मांग वाली याचिका की याचिकाकर्ता योगमाया एम.जी. ने सुप्रीम कोर्ट में आवेदन दाखिल किया। उन्होंने आरोप लगाया कि BCI का कदम सुप्रीम कोर्ट के 4 अगस्त के आदेश के अनुरूप नहीं है।

    आवेदन में कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित हाईकोर्ट के चीफ जस्टिसों को दो महिला सदस्यों के सह-विकल्प का निर्णय लेने का अधिकार दिया था और इसके लिए निर्वाचित राज्य बार काउंसिल सदस्यों से परामर्श का प्रावधान किया गया। याचिकाकर्ता का दावा था कि BCI द्वारा चार नामों का पैनल तैयार करने और उसे भेजने की प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के आदेश में निर्धारित नहीं की गई।

    याचिकाकर्ता ने BCI के 11 अगस्त के निर्देश को अवैध घोषित करने और इसे सुप्रीम कोर्ट के 4 अगस्त के आदेश में हस्तक्षेप मानने की मांग की। अब BCI द्वारा अपने निर्देश को फिलहाल स्थगित किए जाने से महिला सदस्यों के सह-विकल्प की प्रक्रिया आगे संबंधित सक्षम मंचों के फैसलों के अनुरूप तय होगी।

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