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विजय माल्या आर्थिक अपराध भगोड़ा घोषित, मुंबई की PMLA स्पेशल कोर्ट ने सुनाया फैसला

LiveLaw News Network
7 Jan 2019 2:18 PM GMT
विजय माल्या आर्थिक अपराध भगोड़ा घोषित, मुंबई की PMLA स्पेशल कोर्ट ने सुनाया फैसला
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देश छोड़कर भाग चुके किंगफिशर एयरलाइंस के मालिक, विजय माल्या को आर्थिक अपराध भगोड़ा घोषित कर दिया गया है। विजय माल्या को मुंबई की स्पेशल कोर्ट (PMLA) ने शनिवार को भगोड़ा घोषित किया। इसके साथ ही भगोड़ा आर्थिक अपराध कानून-2018 के तहत माल्या पहला अपराधी है।

दरअसल प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने माल्या को भगोड़ा घोषित करने की अपील की थी। सरकार अब माल्या की संपत्तियां जब्त कर सकेगी। माल्या पर भारतीय बैंकों के 9,000 करोड़ रुपए बकाया हैं।

सात दिसंबर 2018 को सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि विजय माल्या पर प्रवर्तन निदेशालय द्वारा शुरू की गयी आर्थिक अपराध भगोडा घोषित करने की कार्रवाई पर रोक नहीं लगेगी। सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस, रंजन गोगोई और जस्टिस एस. के. कौल की पीठ ने यह कहते हुए माल्या की याचिका पर ईडी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।

माल्या की ओर से सुप्रीम कोर्ट में पेश वरिष्ठ वकील, फली एस. नरीमन ने कहा था कि माल्या के खिलाफ ईडी की 'आर्थिक अपराध भगोडा' घोषित करने की कार्रवाई मेनटेंबल नहीं है। इसके साथ ही एजेंसी को माल्या द्वारा दी गयी नई पेशकश पर भी विचार करना चाहिए। उन्होंने 22 नवंबर के बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले पर भी रोक लगाने की मांग की थी। लेकिन पीठ ने कहा कि सिर्फ नोटिस जारी किया जाता है। हाईकोर्ट के फैसले पर रोक नहीं लगेगी।

दरअसल 22 नवंबर को बॉम्बे हाईकोर्ट ने विजय माल्या द्वारा दायर उस याचिका को खारिज कर दिया था जिसमें उन्हें आर्थिक भगोड़ा अपराधी घोषित करने के लिए प्रवर्तन निदेशालय के जरिए PMLA के तहत शुरू की गई कार्रवाई पर रोक लगाने का आग्रह किया गया था।

वहीं ईडी ने अपनी याचिका में मांग की है कि माल्या को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया जाए और उनकी संपत्ति जब्त की जाए। नए एफईओ कानून के प्रावधानों के तहत उसे केंद्र के नियंत्रण में लाया जाए।

ईडी ने कहा था कि माल्या का शुरुआत से ही लोन चुकाने का कोई इरादा नहीं था जबकि उनके और एमएस यूबीएचएल (यूनाइटेड ब्रेवरीज होल्डिंग्स लिमिटेड) के पास पर्याप्त संपत्तियां थीं जो लोन चुकाने के लिए काफी थीं लेकिन माल्या ने जानबूझकर लोन नहीं चुकाया। इसलिए माल्या, आर्थिक भगोड़ा अपराधी घोषित किया जाए और उसकी समस्त संपत्तियां जब्त की जाए।

इससे पहले 30 अक्तूबर को स्पेशल कोर्ट ने भी माल्या की याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद माल्या इस मामले को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट पहुँचे थे।

दरअसल, इस अधिनियम के तहत जिसे भी आर्थिक भगोड़ा घोषित किया जाता है, उसकी संपत्ति तत्काल प्रभाव से जब्त कर ली जाती है। इसके साथ-साथ आर्थिक भगोड़े की सूची में वो व्यक्ति भी आता है जिसके विरूद्ध सूचीबद्ध अपराधों के लिए गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया होता है।

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