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मुजफ्फरपुर शेल्टर होम: अब CBI जांच पर भी सवाल, दो हफ्ते बाद सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट

Live Law Hindi
28 March 2019 11:48 AM GMT
मुजफ्फरपुर शेल्टर होम: अब CBI जांच पर भी सवाल, दो हफ्ते बाद सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट
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बिहार के मुजफ्फरपुर शेल्टर होम मामले में अब सीबीआई जांच पर भी सवाल उठे हैं। सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हस्तक्षेप अर्जी में कहा गया है कि सीबीआई द्वारा इस मामले में दाखिल चार्जशीट में हत्या और बलात्कार जैसी कठोर धाराओं की बजाए हल्की धाराओं को शामिल किया गया है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि वो 2 हफ्ते के बाद इस मामले की सुनवाई करेगा।

दरअसल याचिकाकर्ता निवेदिता झा की ओर से पेश वकील शोएब आलम ने जस्टिस एस. ए. बोबड़े की पीठ से जल्द सुनवाई की मांग की। याचिकाकर्ता के मुताबिक साकेत कोर्ट में दाखिल सीबीआई की चार्जशीट में गंभीर खामियां हैं। शेल्टर होम की कई लड़कियों ने एक की हत्या और कइयों से बलात्कार के बयान दिए थे लेकिन सीबीआई ने ये धाराएं चार्जशीट में नहीं लगाईं हैं।

ये भी कहा गया है कि शेल्टर होम में रहने वाली कई लड़कियों ने कहा है कि बाहर से भी कुछ लोग आते थे और उन्हें प्रताड़ित करते थे। इसी तरह लड़कियों को भी बाहर के लोगों के पास ले जाया जाता था। लेकिन सीबीआई ने जांच में इन बाहरी लोगों के बारे में कोई जानकारी नहीं जुटाई है। ये भी कहा गया है कि इसी के चलते ये जांच बिहार पुलिस से लेकर सीबीआई को सौंपी गई थी। याचिकाकर्ता ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट से दखल देने की मांग की है।

दरअसल सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर दिल्ली की साकेत कोर्ट में इस मामले की सुनवाई शुरु हो चुकी है और अदालत को 30 मार्च को आरोप तय करने हैं। सीबीआई इस संबंध में मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर समेत 21 आरोपियों के खिलाफ अपनी चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।

7 फरवरी को शेल्टर होम मामले में बिहार सरकार को फटकार लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि बस बहुत हो चुका और मुजफ्फरपुर शेल्टर होम मामले का ट्रायल दिल्ली में ट्रांसफर कर दिया था।

चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस दीपक गुप्ता और जस्टिस संजीव खन्ना की पीठ ने आदेश जारी करते हुए कहा था कि साकेत की POCSO कोर्ट रिकार्ड मिलने के बाद 6 महीने के भीतर ट्रायल पूरा करेगी। पीठ ने 2 सप्ताह के भीतर सारा रिकार्ड साकेत कोर्ट में पहुंचाने के निर्देश भी दिए थे।

पीठ ने सुनवाई के दौरान बिहार सरकार पर बड़े सवाल उठाए और कहा कि बच्चों के साथ ऐसा बर्ताव करने की इजाजत नहीं दी जा सकती। पीठ ने कहा कि हम सरकार नहीं चला रहे हैं लेकिन हम ये जानना चाहते हैं कि आप कैसे सरकार चला रहे हैं? सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत जांच बिहार पुलिस से सीबीआई को ट्रांसफर की गई थी।

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