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नेशनल हेराल्ड टैक्स मामला : सोनिया और राहुल गांधी की याचिका पर 23 अप्रैल को सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट

Live Law Hindi
29 March 2019 2:12 PM GMT
नेशनल हेराल्ड टैक्स मामला : सोनिया और राहुल गांधी की याचिका पर 23 अप्रैल को सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट
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नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और सोनिया गांधी के वित्तीय वर्ष 2011-2012 के लिए टैक्स के पुनर्मूल्यांकन करने के मामले में अब सुप्रीम कोर्ट 23 अप्रैल को सुनवाई करेगा।

शुक्रवार को सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि इस मामले में विस्तृत बहस की जरूरत है लिहाजा अदालत द्वारा सुनवाई की कोई और तारीख दी जाए।

हालांकि आयकर विभाग की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इसका विरोध किया और कहा कि अब इस मामले में सुनवाई होनी चाहिए। पीठ ने इस मामले को 23 अप्रैल के लिए सूचीबद्ध किया है। तब तक याचिकाकर्ताओं को दी गई अंतरिम राहत बरकरार रहेगी कि आयकर विभाग इस संबंध में कोई फैसला जारी नहीं करेगा।

इससे पहले 8 दिसंबर 2018 को सुप्रीम कोर्ट ने इनकम टैक्स विभाग को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और सोनिया गांधी के वित्तीय वर्ष 2011-2012 के लिए टैक्स के पुनर्मूल्यांकन करने की अनुमति दे दी थी। हालांकि पीठ ने विभाग को इस फैसले को तब तक लागू ना करने को कहा था जब तक कोर्ट की मामले में सुनवाई पूरी ना हो जाए। इस दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा था कि इस फैसले को लागू करने की इजाजत देनी चाहिए लेकिन पीठ ने कहा कि वो इस संबंध में किसी भी तरह की टिप्पणी नहीं कर रहे हैं।

इससे पहले 13 नवंबर 2018 को नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, सोनिया गांधी और ऑस्कर फर्नांडिस की याचिका पर अायकर विभाग के नोटिस की वैधता का परीक्षण करने के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया था।

जस्टिस ए. के. सीकरी और जस्टिस एस. अब्दुल नजीर की पीठ ने सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि कोर्ट के सामने सवाल ये है कि इनकम टैक्स का नोटिस वैध है या नहीं। हालांकि दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले पर रोक या आयकर विभाग को नोटिस जारी करने की मांग पर पीठ ने कहा था कि जब हम मामले की अंतिम सुनवाई को तैयार हैं तो इनकम टैक्स को नोटिस जारी हो या नहीं इससे कोई फर्क नहीं पडता क्योंकि सॉलीसिटर जनरल तुषार मेहता आयकर विभाग के लिए पेश हो चुके हैं।

दरअसल तीनों ने वित्तीय वर्ष 2011-2012 के लिए टैक्स के पुनर्मूल्यांकन को लेकर जारी किए गए इनकम टैक्स नोटिस को चुनौती दी है।

वहीं याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश पी. चिदंबरम ने कहा था कि ये सिर्फ शेयर ट्रांसफर का मामला है। इसे आय नहीं कहा जा सकता। वहीं वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने भी नोटिस जारी कर हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाने की गुहार लगाई थी।

गौरतलब है कि 9 सितंबर 2018 को दिल्ली हाई कोर्ट ने नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को राहत नहीं दी थी। हाईकोर्ट ने आयकर विभाग के नोटिस के खिलाफ सोनिया और राहुल द्वारा दाखिल याचिका को खारिज कर दिया था।

दरअसल सोनिया गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने दिल्ली हाईकोर्ट में आयकर विभाग के उस नोटिस को चुनौती दी थी जिसमें वित्तीय वर्ष 2011-2012 के लिए टैक्स के पुनर्मूल्यांकन की मांग की गई थी। सोनिया गांधी और राहुल गांधी की तर्ज पर पार्टी के वरिष्ठ नेता आस्कर फर्नांडीज ने भी दिल्ली हाई कोर्ट में यंग इंडिया और नेशनल हेराल्ड के लेनदेन आंकलन को आयकर विभाग द्वारा फिर से खोलने को चुनौती दी थी।

आयकर विभाग के अनुसार राहुल गांधी के वर्ष 2011-12 के आयकर आंकलन को फिर से करने का निर्णय किया गया क्योंकि उन्होंने उसमें यह जानकारी नहीं दी कि वह वर्ष 2010 से कंपनी 'यंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड' के डायरेक्टर थे।

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