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घरेलू हिंसा से स्त्री का संरक्षण अधिनियम, 2005 (वस्तुनिष्ठ प्रश्न भाग- 4)

Lakshita Rajpurohit
25 Jan 2023 10:51 AM GMT
घरेलू हिंसा से स्त्री का संरक्षण अधिनियम, 2005 (वस्तुनिष्ठ प्रश्न भाग- 4)
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1. किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा यह तय किया गया कि “धारा 125 दंड प्रक्रिया संहिता के अंतर्गत की जाने वाली कार्यवाही और घरेलू हिंसा अधिनियम के उपबंधो के अनुसार की जाने वाली कार्यवाही, दोनों ही स्वतंत्र कार्यवाहियां है।

(a) कमलेश देवी बनाम जयपाल, 9320 (2019) नामक मामले में

(b) संजय भारद्वाज बनाम राज्य, 2010 के मामले में

(c) विजय वर्मा बनाम स्टेट एनसीटी ऑफ दिल्ली एंड एएनआर,2010 नामक मामले में

(d) आदिल व अन्य बनाम राज्य और अन्य, 2010 के मामले मे

उत्तर- (a)

2. किस मामले में यह तय किया गया कि धारा 12 के अंतर्गत कार्यवाही करने से पहले मजिस्ट्रेट द्वारा संरक्षण अधिकारी या सेवा प्रदाता द्वारा प्रेषित घरेलू हिंसा की रिपोर्ट पर विचार किया जाना आज्ञापक नहीं है।“

(a) इंद्र शर्मा बनाम वी.के.वी शर्मा,2013 के मामले में

(b) ईशपाल सिंह कहाई बनाम रमनजीत कहाई,2011 के मामले में

(c) प्रभा त्यागी बनाम कमलेश देवी, एससीसी2022 SC 607, के मामले में

(d) इनमें से किसी में नहीं

उत्तर- (c)

3. किस मामले में यह तय किया गया कि अधिनियम की धारा 2(q) एक पीड़ित पत्नी या विवाह की प्रकृति के रिश्ते में रहने वाली महिला भी पति या पुरुष साथी के किसी रिश्तेदार के खिलाफ इस अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत शिकायत दर्ज करा सकती है।

(a) वर्षा कपूर बनाम यू.ओ.ई और अन्य,2010

(b) प्रमोदिनी विजय फर्नांडिस बनाम श्री विजय फर्नांडिस,2010

(c) विकास भूटानी बनाम राज्य,2017

(d) अजय कुमार बनाम लता उर्फ स्तुति,2019

उत्तर- (d)

4. किस मामले में यह निर्णित किया गया की “अलग रहने वाली पत्नी, सास-ससुर के खिलाफ मामला दर्ज नहीं कर सकती। क्योंकि घरेलू हिंसा अधिनियम धारा 2(a) अनुसार आवेदक को एक पीड़ित व्यक्ति होना आवश्यक हैं। इसकारण अधिनियम के अंतर्गत वर्णित उपचार प्राप्त करने के लिए पीड़ित व्यक्ति और प्रतिवादी के बीच घरेलू संबंध होना चाहिए।“

(a) कुलदीप सिंह बनाम रेखा,2011

(b) विजया नंद दत्ताराम नाइक बनाम विश्रांत विजयानंद नाइक,2019

(c) सूर्य प्रकाश बनाम श्रीमती रचना,2015

(d) सुश्री निधि कौशिक बनाम भारत संघ व अन्य,2014

उत्तर- (a)

5. किस मामले में यह कहा है कि “ पत्नी को भले ही सीआरपीसी की धारा 125 के तहत भरणपोषण दिया गया हो, परंतु वह घरेलू हिंसा अधिनियम के अंतर्गत भी भरण-पोषण की हकदार है। विशिष्ट अधिनियम धारा 125 के उपचार का वर्जन नहीं करता।“

(a) सूर्य प्रकाश बनाम श्रीमती रचना,2015

(b) अमरजीत सिंह बनाम भारत संघ,2022

(c) पंकज भाई बनाम सुभाष भाई,2012

(d) मैथिली वर्मा बनाम राजन वर्मा,2017

उत्तर- (b) https://www.livelaw.in/top-stories/maintenance-supreme-court-maintenance-for-wife-section-125-crpc-hindu-marriage-act-domestic-violence-act-211789

6. किस मामले में तय किया गया की प्रत्यर्थी द्वारा “आर्थिक अनुतोष” के आदेश के भंग किए जाने पर अधिनियम की धारा 31 के अंतर्गत उसे अभियोजित नहीं किया जा सकता। यह केवल संरक्षण आदेश के मामले में लागू होता है।

(a) सुनीश बनाम केरला राज्य और अन्य, 2022

(b) मेघा खंडेलवाल बनाम रजत खंडेलवाल,2019

(c) विजयानंद दत्ताराम नाइक बनाम विश्रांति विजयानंद नाइक,2019

(d) उपरोक्त में से कोई नहीं।

उत्तर- (a) https://www.livelaw.in/news-updates/section-31-dv-act-penalty-stipulated-applies-only-breach-protection-orders-us-18-not-maintenance-orders-us-20-kerala-hc-215880

7. “धारा 12 के अंतर्गत की जाने वाली कार्यवाही को मात्र अनुच्छेद 227 या धारा 482 सीआरपीसी के तहत की चुनौती दी जा सकती है।“ किस मामले में तय किया गया?

(a) सिद्धार्थ सभरवाल बनाम महाराष्ट्र राज्य,2019

(b) विशाल बोहरा बनाम यूपी राज्य, 2015

(c) डॉ. जया सगड़े बनाम महाराष्ट्र राज्य, 2015

(d) अरुण डेनियल बनाम सुगानिया,2022

उत्तर- (d) https://www.livelaw.in/news-updates/madras-high-court-proceedings-under-section-12-dv-act-can-be-challenged-only-by-article-227-of-constitution-214396

8. “अधिनियम की धारा 2(a) के अंतर्गत कोई स्त्री व्यथित है या वह प्रत्यर्थी के साथ पारिवारिक संबंधों के अधीन रही है या नहीं, को साबित करने का भार प्रथम दृष्टाया उसी पर होगा जो ऐसा अभिकथन करता है।“ किस मामले में तय किया गया?

(a) एस जीवा अशोक बनाम कलारानी,2015

(b) मधेश्वरी बनाम के. मणिकाम्म,2022

(c) किरण दत्ता बनाम राज्य और अन्य,2014

(d) बसवराज दुग्गनी बनाम दीपा चुरी, 2014

उत्तर- (b) https://www.livelaw.in/news-updates/dv-act-dna-test-proof-paternity-not-sufficient-prove-marriage-domestic-relationship-proceedings-when-paternitylegitimacy-not-a-fact-in-issue-kerala-high-court-207503

9. इस अधिनियम के प्रावधान, धारा 12 के अनुसरण में न्यायिक शक्ति के प्रयोग करने वाले मजिस्ट्रेट को समुचित मामलों में सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा 89 के तहत समझोता कार्यवाहियों को संदर्भित करने से नहीं रोकते है।“ तय किया गया-

(a) विनय तिवारी बनाम अरुणा राठी,2021 के मामले में

(b) अशोक वर्धन रेड्डी बनाम सरिता,2015 के मामले में

(c) मैथ्यू डेनियल बनाम लीना डेनियल, 2022 के मामले में

(d) सेलिन बेबी बनाम साबू,2015 के मामले में

उत्तर- (c) https://www.livelaw.in/news-updates/dv-act-magistrate-empowered-refer-matters-mediation-record-compromise-pass-order-settlement-kerala-high-court-206968

10. किस मामले में अधिनियम की धारा 2(q) को संवैधानिकता चुनौती दी गई थी?

(a) हनी विंचु अन्य बनाम कर्नाटक, 2012

(b) इंद्र सरमा बनाम वीकेवी शर्मा,2013

(c) हीरल हरसोरा बनाम कुसुम हरसौरा,2016

(d) उपरोक्त में से कोई नहीं

उत्तर- (c) https://www.livelaw.in/sc-strikes-words-adult-male-definition-respondent-section-2q-dv-act-relief-possible-minors-women

11. किस मामले में उच्चतम न्यायालय ने कहा कि “धारा 2(q) के अंतर्गत वर्णित प्रत्यर्थी की परिभाषा में “वयस्क पुरुष” के साथ कोई महिला और अवयस्क बालक भी शामिल है। अर्थात उनके विरुद्ध भी एक व्यथित धारा 12 के अंतर्गत आवेदन दाखिल कर सकती है।“

(a) हीरल हरसौरा बनाम कुसुम हरसौरा,2016

(b) ईशपाल सिंह कहाई बनाम रमनजीत कहाई,2013

(c) सूर्य प्रकाश बनाम रचना,2015

(d) निधि कौशिक बनाम भारत संघ,2014

उत्तर- (a) https://www.livelaw.in/sc-strikes-words-adult-male-definition-respondent-section-2q-dv-act-relief-possible-minors-women

12. यदि कोई व्यथित महिला जो “लिव इन रिलेशनशिप” जैसे संबंधों के अधीन रहते हुए अपने वयस्क पुरुष साथी के साथ साझा घर में निवास करती है, तो क्या वह इस अधिनियम के अंतर्गत उपलब्ध उपचारों का लाभ उठा सकती है?

(a) नहीं

(b) हां

(c) अपवादित मामलों में न्यायालय के संरक्षण से, हां

(d) उपरोक्त में से कोई नहीं

उत्तर (b) [S.खुशबू बनाम कन्नईमाल व अन्य(2010), इंद्र शर्मा बनाम k.v.k. शर्मा(2013) इत्यादि कई मामलों में सर्वोच्च न्यायालय द्वार तय किया गया।]

13. संरक्षण अधिकार और सेवा प्रदाता लोक सेवक में जायेगे-

(a) धारा 29 के अंतर्गत

(b) धारा 32 के अंतर्गत

(c) धारा 30 के अंतर्गत

(d) धारा 31 के अंतर्गत

उत्तर- (c)

14. प्रत्यर्थी द्वारा संरक्षण आदेश की उलंघन के लिए पेनल्टी की प्रावधान है-

(a) 1 वर्ष कारावास या 10 हजार जुर्माना

(b) 1 वर्ष कारावास और 20 हजार जुर्माना

(c) 1 वर्ष का कारावास और 20 हजार जुर्माना

(d) 1 वर्ष का कारावास या 20 हजार जुर्माना

उत्तर- (d) [धारा 31]

15. “इस अधिनियम में जैसा अन्यथा उपबन्धित है कि सिवाय धारा 12,18,19,20,21,22 और 23 के अंतर्गत समस्त कार्यवाहियां तथा धारा 31 के अंतर्गत अपराध की कार्यवाही, नियंत्रित होगी-

(a) सिविल प्रक्रिया संहिता,1908 से

(b) दंड प्रक्रिया संहिता से,1973 से

(c) स्वयं इसी अधिनियम से

(d) जैसा कि उचित मामलों में संबंधित न्यायालय तय करे

उत्तर- (b) [धारा 23(1)]

16. धारा 31 के संबंध में प्रसंज्ञान और प्रमाण सम्बन्धित नियम वर्णित है-

(a) धारा 30 में

(b) धारा 31 में

(c) धारा 32 में

(d) धारा 33 में

उत्तर- (c)

17. संरक्षण अधिकारी द्वारा अपने कर्तव्य निर्वहन में असफल होने पर उसके विरुद्ध शिकायत तब तक दर्ज नहीं की जाएगी जबतक- (सही विकल्प चुनें)

(a) राज्य सरकार से पूर्व अनुमति ना ली जो

(b) या, किसी प्राधिकृत अधिकारी से अनुमति ना ली जो

(c) (a) या (b) दोनों

(d) पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य नहीं है

उत्तर- (c) [धारा 34]

18. “यह अधिनियम किसी अन्य विधि का अल्पीकरण नहीं करता है।“ वर्णित है-

(a) धारा 37 में

(b) धारा 35 में

(c) धारा 34 में

(d) धारा 36 में

उत्तर- (d)

19. इस अधिनियम के अंतर्गत नियम बनाने के शक्ति है-

(a) राज्य सरकार को

(b) केंद्रित सरकार को

(c) दोनों को

(d) राष्ट्रपति की सलाह से, केंद्र सरकार को

उत्तर- (b) [धारा 37]

20. घरेलू हिंसा की परिभाषा वर्णित है-

(a) धारा 2 में

(b) धारा 3 में

(c) धारा 4 में

(d) धारा 5 में

उत्तर- (b) [धारा 3 के अंतर्गत 4 प्रकार की घरेलू हिंसाओ के उल्लेख किया गया है जैसे शारीरिक दुर्व्यवहार, यौन दुर्व्यवहार, मौखिक और भावनात्मक दुर्व्यवहार व आर्थिक दुर्व्यवहार।]

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