ED की कार्रवाई पर TMC को नहीं मिली अंतरिम राहत: बैंक अकाउंट्स से लेनदेन की अनुमति देने से हाईकोर्ट का इनकार
Amir Ahmad
20 July 2026 12:26 PM IST

कलकत्ता हाईकोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) को बड़ी राहत देने से इनकार करते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा फ्रीज किए गए पार्टी के तीन बैंक अकाउंट्स के संचालन की अंतरिम अनुमति देने से मना कर दिया। अदालत के इस आदेश के बाद मामले की सुनवाई पूरी होने तक इन खातों पर लगी रोक जारी रहेगी।
जस्टिस कृष्ण राव ने धन शोधन निवारण अधिनियम 2002 (PMLA) के तहत ED की कार्रवाई को चुनौती देने वाली टीएमसी की याचिका पर सुनवाई करते हुए ED के डेबिट फ्रीज आदेश पर रोक लगाने से इनकार किया।
ED ने TMC के तीन बैंक अकाउंट्स फ्रीज किए, जिनमें कथित तौर पर करीब 440 करोड़ रुपये जमा हैं। एजेंसी का आरोप है कि अप्रैल 2023 से जून 2026 के बीच पार्टी की ओर से विमान और हेलीकॉप्टर की खरीद के लिए केयरवेल एविएशन इंडिया और उससे जुड़ी एक अन्य संस्था को धन हस्तांतरित किया गया, जिसकी जांच धनशोधन के मामले के तहत की जा रही है।
TMC की ओर से सीनियर एडवोकेट अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी कि ED की कार्रवाई का उद्देश्य हाईकोर्ट के पहले के आदेश को निष्प्रभावी करना था। उन्होंने बताया कि एक अन्य पीठ ने पहले इन्हीं अकाउंट्स के संचालन की अनुमति विशेष अधिकारी की निगरानी में दी थी। ये अकाउंट्स पश्चिम बंगाल पुलिस ने पार्टी के बागी विधायक विश्वनाथ दास की शिकायत के बाद फ्रीज किए, जिसमें पार्टी फंड के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाया गया।
सिंघवी ने अदालत में कहा कि ED को यह जानकारी थी कि पहले के मामले में खातों से रोक हटने की संभावना है लेकिन इसके बावजूद एजेंसी ने धनशोधन जांच के नाम पर दोबारा अकाउंट्स फ्रीज कर दिए।
वहीं ED ने अदालत में कहा कि उसकी कार्रवाई पूरी तरह स्वतंत्र धनशोधन जांच का हिस्सा है और इसका पश्चिम बंगाल पुलिस की पूर्व कार्रवाई से कोई संबंध नहीं है।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने TMC को अंतरिम राहत देने से इनकार किया। अदालत ने स्पष्ट किया कि अंतिम निर्णय होने तक ED द्वारा खातों पर लगाई गई रोक जारी रहेगी।


