न्यायिक अधिकारियों पर हमले से आक्रोश, कलकत्ता हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने वकील को निलंबित कर डि-एनरोलमेंट की सिफारिश की
Amir Ahmad
7 April 2026 4:51 PM IST

कलकत्ता हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने मालदा के कालियाचक में न्यायिक अधिकारियों पर हुए हमले को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए एक वकील को निलंबित करते हुए उसके डि-एनरोलमेंट (पंजीकरण समाप्त करने) की सिफारिश करने का निर्णय लिया।
6 अप्रैल 2026 को आयोजित आपात सामान्य बैठक में एसोसिएशन ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर 1 अप्रैल की रात हुई घटना की कड़ी निंदा की।
बता दें, इस घटना में तीन महिला अधिकारियों सहित सात न्यायिक अधिकारियों को लगभग नौ घंटे तक बंधक बनाए जाने का आरोप है।
एसोसिएशन ने इसे कायरतापूर्ण और जघन्य हमला बताते हुए कहा कि इस दौरान हुई हिंसा और आपराधिक कृत्य बेहद गंभीर और निंदनीय हैं। प्रस्ताव में कहा गया कि इस घटना को एक वकील के उकसावे वाले बयानों ने भड़काया।
एसोसिएशन ने पुलिस प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि पुलिस “मूक दर्शक” बनी रही, जिससे करीब नौ घंटे तक यह अराजकता जारी रही।
बार एसोसिएशन ने वकील मोफक्करुल इस्लाम को इस घटना का प्रमुख जिम्मेदार मानते हुए उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई का फैसला लिया।
प्रस्ताव में कहा गया,
“उन्हें आपराधिक कार्यवाही पूरी होने तक एसोसिएशन की सदस्यता से निलंबित किया जाता है।”
इसके साथ ही एसोसिएशन ने यह भी घोषणा की कि उनके खिलाफ आंतरिक अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाएगी और पश्चिम बंगाल बार काउंसिल से उन्हें वकील सूची से हटाने की सिफारिश की जाएगी।
प्रस्ताव में कहा गया,
“हम पश्चिम बंगाल बार काउंसिल से अनुरोध करेंगे कि ऐसे आचरण वाले वकील का रजिस्ट्रेशन समाप्त किया जाए, क्योंकि यह एक वकील के मूल्यों और मर्यादा के खिलाफ है।”
एसोसिएशन ने इस घटना को राज्य में भय का माहौल बनाने की कोशिश बताते हुए कहा कि न्यायपालिका पर ऐसे हमलों के खिलाफ कानूनी समुदाय चुप नहीं रह सकता।

