अस्पताल पर लापरवाही के आरोपों की रिपोर्टिंग जारी रख सकता है 'गली न्यूज़', लेकिन अपमानजनक टिप्पणियों पर रोक: बॉम्बे हाईकोर्ट
Amir Ahmad
26 Jun 2026 5:34 PM IST

बॉम्बे हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश में लोकप्रिय स्थानीय डिजिटल न्यूज प्लेटफॉर्म 'गली न्यूज़' को कथित चिकित्सीय लापरवाही से जुड़े मामले की रिपोर्टिंग जारी रखने की अनुमति दी। हालांकि अदालत ने चैनल को अस्पताल के खिलाफ अपमानजनक और मानहानिकारक शब्दों या आरोपों के इस्तेमाल से रोक दिया।
जस्टिस आरिफ डॉक्टर ने आदेश में कहा कि प्रथम दृष्टया समाचार प्रसारण के कुछ हिस्से मानहानिकारक प्रतीत होते हैं। इसलिए चैनल को मामले की रिपोर्टिंग से नहीं रोका जाएगा, लेकिन वह अस्पताल के खिलाफ ऐसे आरोप, संकेत या टिप्पणियां दोहराएगा नहीं, जिनमें अस्पताल को 'कत्लखाना' कहा गया हो या उस पर हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया गया हो।
मामला मुंबई के पायधोनी स्थित हबीब इस्माइल अस्पताल एवं मेडिकल ट्रस्ट से जुड़ा है। आरोप है कि एक महिला के शरीर में शल्यक्रिया के दौरान इस्तेमाल किया गया गॉज छोड़ दिया गया।
शिकायतकर्ता शम्स अली सैयद के अनुसार, उनकी पत्नी की 9 मई को सिजेरियन प्रसव के बाद 28 मई को तबीयत बिगड़ने पर दोबारा अस्पताल लाया गया। जांच के बाद परिवार को बताया गया कि मामूली संक्रमण है। बाद में चिकित्सकों ने शरीर में जमा मवाद निकालने के लिए शल्यक्रिया की सहमति देने वाला प्रपत्र हस्ताक्षर करने के लिए दिया।
परिवार का आरोप है कि सहमति पत्र पर हस्ताक्षर करने से पहले ही महिला को बेहोशी की दवा दी गई और बाद में उसे दूसरे अस्पताल भेज दिया गया।
इस बीच मुंबई पुलिस ने मामले की जांच के लिए सरकारी जे. जे. अस्पताल के चिकित्सकों की अध्यक्षता में एक मेडिकल बोर्ड गठित किया। चूंकि मामला चिकित्सीय और कानूनी दोनों पहलुओं से जुड़ा है, इसलिए पुलिस बोर्ड की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
दूसरी ओर, इस मामले की लगातार और व्यापक रिपोर्टिंग से नाराज अस्पताल ने हाईकोर्ट में मानहानि का मुकदमा दायर किया। अस्पताल का कहना था कि 'गली न्यूज़' ने अपनी रिपोर्टों में कम-से-कम 51 ऐसे बयान प्रसारित किए, जो उसकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाले हैं। इनमें अस्पताल को 'कत्लखाना' कहे जाने जैसी टिप्पणियां भी शामिल हैं।
हाईकोर्ट ने चैनल के संपादक और मालिक सलीम शेख को तीन सप्ताह के भीतर अस्पताल की ओर से दायर मानहानि वाद पर अपना जवाब शपथपत्र के रूप में दाखिल करने का निर्देश दिया।
मामले की अगली सुनवाई 4 अगस्त को होगी।

