भीमा कोरेगांव मामले में आरोपी को जेल कंप्यूटर उपयोग की अनुमति पर विचार, बॉम्बे हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से मांगा जवाब

Amir Ahmad

26 March 2026 5:14 PM IST

  • भीमा कोरेगांव मामले में आरोपी को जेल कंप्यूटर उपयोग की अनुमति पर विचार, बॉम्बे हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से मांगा जवाब

    बॉम्बे हाईकोर्ट ने भीमा कोरेगांव-एल्गार परिषद मामले में आरोपी सुरेंद्र गाडलिंग को साक्ष्यों की समीक्षा के लिए जेल में कंप्यूटर उपयोग की अनुमति देने के सवाल पर महाराष्ट्र सरकार से जवाब मांगा।

    जस्टिस अजय गडकरी और जस्टिस कमल खाटा की पीठ ने गाडलिंग को निजी लैपटॉप इस्तेमाल करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया, लेकिन यह संकेत दिया कि जेल में उपलब्ध कंप्यूटर के उपयोग पर विचार किया जा सकता है।

    अदालत ने कहा,

    “लैपटॉप के उपयोग की अनुमति नहीं दी जा सकती, क्योंकि इससे जेल सुरक्षा से जुड़े मुद्दे हैं और यह गलत उदाहरण स्थापित कर सकता है। हालांकि, जेल प्रशासन वहां उपलब्ध कंप्यूटर के उपयोग की अनुमति देने पर विचार कर सकता है।”

    पीठ ने राज्य के वकील को निर्देश दिया कि अगली सुनवाई पर यह स्पष्ट करें कि क्या गाडलिंग को जेल के कंप्यूटर का उपयोग करने की अनुमति दी जा सकती है और यदि हां, तो कितने समय के लिए।

    साथ ही, अदालत ने आरोपी को भी निर्देश दिया कि वह बताए कि साक्ष्यों की समीक्षा के लिए उसे कितने समय की आवश्यकता होगी।

    गौरतलब है कि गाडलिंग ने याचिका दाखिल कर अपने निजी लैपटॉप के उपयोग की अनुमति मांगी थी। उनका कहना था कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी द्वारा प्रस्तुत पूरा साक्ष्य इलेक्ट्रॉनिक रूप में है, जिसे देखने के लिए लैपटॉप आवश्यक है।

    हालांकि, विशेष लोक अभियोजक चिंतन शाह ने इस मांग का विरोध करते हुए कहा कि लैपटॉप के दुरुपयोग से सुरक्षा संबंधी खतरे पैदा हो सकते हैं और ऐसा आदेश गलत मिसाल बन सकता है।

    अदालत ने इन तर्कों से सहमति जताते हुए लैपटॉप की अनुमति देने से इनकार किया, लेकिन जेल कंप्यूटर के सीमित उपयोग के विकल्प को खुला रखा।

    मामले की अगली सुनवाई अगले सप्ताह निर्धारित की गई।

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