एक्टर शत्रुघ्न सिन्हा ने अपने मशहूर डायलॉग 'खामोश' समेत अपनी पर्सनैलिटी राइट्स की रक्षा के लिए बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया
Amir Ahmad
17 Feb 2026 12:35 PM IST

बॉलीवुड के दिग्गज एक्ट्रेस शत्रुघ्न सिन्हा ने अपनी पर्सनालिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए बंबई हाइकोर्ट में याचिका दायर की। उन्होंने अपनी याचिका में आरोप लगाया कि उनके नाम, तस्वीर और खास तौर पर उनके प्रसिद्ध संवाद खामोश का बिना अनुमति उपयोग किया जा रहा है।
यह मामला सोमवार को जस्टिस शर्मिला देशमुख की एकल पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए आया। अदालत ने अंतरिम आदेश पर निर्णय सुरक्षित रख लिया।
अपने वकील हिरेन कामोद के माध्यम से दायर याचिका में सिन्हा ने कहा कि उनका चार दशकों से अधिक लंबा और प्रभावशाली फिल्मी करियर रहा है, जिसमें उन्होंने विविध भूमिकाओं के माध्यम से भारतीय सिनेमा में स्थायी छाप छोड़ी है। याचिका में कहा गया कि संवाद बोलने की उनकी अनोखी शैली, विशेषकर खामोश शब्द को प्रस्तुत करने का उनका अंदाज़, केवल उन्हीं से जुड़ा हुआ है। इसी कारण यह उनकी विशिष्ट पहचान बन चुका है।
याचिका में यह भी उल्लेख है कि सिन्हा को उनके अभिनय के लिए अनेक पुरस्कार और सम्मान मिले हैं। वे सामाजिक और जनकल्याण के मुद्दों से भी जुड़े रहे हैं। वर्तमान में वे सांसद हैं और दो दशकों से अधिक समय से राष्ट्रीय और क्षेत्रीय राजनीति में सक्रिय हैं।
अपने पुत्र लव सिन्हा के माध्यम से दायर याचिका में एक्टर ने कहा कि उनकी प्रभावशाली स्क्रीन उपस्थिति, संवाद अदायगी और विशिष्ट व्यक्तित्व के कारण उन्हें शॉटगन नाम से भी जाना जाता है। वर्षों के कार्य ने उन्हें अपार लोकप्रियता और व्यावसायिक महत्व दिलाया है जो आज भी उनके साथ जुड़ा हुआ है।
सिन्हा ने आरोप लगाया कि कुछ पक्ष उनके फिल्मी दृश्यों के अंशों में बदलाव कर उन्हें विकृत रूप में प्रस्तुत कर रहे हैं और उनसे चलत-चित्र प्रारूप तैयार कर प्रसारित कर रहे हैं। उनका कहना है कि इन अंशों को बिना अनुमति तैयार और साझा किया गया, जिससे उनकी छवि को ठेस पहुँचती है और उन्हें उपहास का विषय बनाया जाता है। यह उनके नैतिक अधिकारों का उल्लंघन है।
याचिका में कहा गया कि उन्होंने अनेक फिल्मों और सार्वजनिक कार्यक्रमों में प्रदर्शन किया, जिससे उन्हें अपने प्रदर्शन पर नैतिक अधिकार प्राप्त हैं। किसी भी तीसरे पक्ष को उनके प्रदर्शन में विकृति या परिवर्तन करने का अधिकार नहीं है यदि वह उनकी प्रतिष्ठा के प्रतिकूल हो।
फिल्मी उपलब्धियों के साथ-साथ सिन्हा ने अपनी राजनीतिक यात्रा का भी उल्लेख किया है। उन्होंने 1992 में राजनीति में प्रवेश किया और सांसद तथा केंद्रीय मंत्री के रूप में विभिन्न मंत्रालयों का दायित्व संभाला। याचिका के अनुसार, उनकी सार्वजनिक छवि सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक प्रभाव रखती है, इसलिए उनके नाम और व्यक्तित्व का अनधिकृत उपयोग गंभीर क्षति पहुँचा सकता है।
एक्टर ने अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध आदेश जारी करने की मांग की। साथ ही उन्होंने कुछ वैश्विक कंपनियों, स्थानीय मंचों तथा इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय एवं दूरसंचार विभाग को भी पक्षकार बनाया।
मामले में हाइकोर्ट के अंतरिम आदेश का इंतजार है, जिससे यह स्पष्ट होगा कि एक्टर पर्सनैलिटी राइट्स की रक्षा के लिए अदालत क्या दिशा-निर्देश जारी करती है।

