नरेंद्र दाभोलकर हत्या मामले में दोषी शरद कालसकर को बॉम्बे हाईकोर्ट से जमानत
Amir Ahmad
29 April 2026 3:41 PM IST

बॉम्बे हाईकोर्ट ने अंधविश्वास विरोधी कार्यकर्ता नरेंद्र दाभोलकर की हत्या मामले में दोषी ठहराए गए शरद कालसकर को जमानत दी। अदालत ने उनकी अपील लंबित रहने तक उन्हें राहत प्रदान की।
जस्टिस अजय गडकरी और जस्टिस रणजीतसिंह भोंसले की खंडपीठ ने बुधवार को यह आदेश पारित करते हुए कालसकर को 50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर रिहा करने का निर्देश दिया।
सुनवाई के दौरान केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने जमानत आदेश पर चार सप्ताह की रोक लगाने की मांग की लेकिन हाईकोर्ट ने इसे अस्वीकार कर दिया।
अदालत ने कहा,
“जब हम पहले ही आवेदक की हमलावर के रूप में पहचान को लेकर संदेह व्यक्त कर चुके हैं, तब इस आदेश पर रोक लगाने का प्रश्न नहीं उठता।”
गौरतलब है कि विशेष अदालत ने 10 मई 2024 को शरद कालसकर और सचिन अंदुरे को भारतीय दंड संहिता की हत्या और समान आशय से संबंधित धाराओं के तहत दोषी ठहराया था। वहीं अन्य सह-आरोपियों डॉ. वीरेंद्र तावड़े, विक्रम भावे और एडवोकेट संजीव पुनालेकर को बरी कर दिया गया था।
नरेंद्र दाभोलकर की 20 अगस्त, 2013 को पुणे में सुबह की सैर के दौरान मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। वह महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के माध्यम से अंधविश्वास के खिलाफ अभियान चलाते थे।
वर्ष 2014 में बॉम्बे हाइकोर्ट के आदेश के बाद जांच CBI को सौंपी गई, जिसने शरद कालसकर और सचिन अंदुरे को घटना का मुख्य आरोपी बताया था।
दाभोलकर परिवार ने विशेष अदालत द्वारा तीन आरोपियों को बरी किए जाने के फैसले को भी हाईकोर्ट में चुनौती दी, जबकि कालसकर और अंदुरे ने अपनी दोषसिद्धि के खिलाफ अलग अपील दायर कर रखी है।
उल्लेखनीय है कि शरद कालसकर को अक्टूबर 2025 में कॉमरेड गोविंद पानसरे हत्या मामले में भी, अन्य आरोपियों के साथ हाइकोर्ट की कोल्हापुर पीठ से जमानत मिल चुकी है।

