डॉक्टरों से मारपीट मामला: बॉम्बे हाईकोर्ट ने शिंदे सेना पार्षद रमेश म्हात्रे की जमानत रद्द की, डॉक्टरों से हड़ताल टालने की अपील
Amir Ahmad
18 July 2026 6:29 PM IST

बॉम्बे हाईकोर्ट ने नगर निगम अस्पताल के तीन डॉक्टरों से मारपीट के मामले में शिंदे सेना के पार्षद रमेश म्हात्रे को निचली अदालत से मिली जमानत रद्द की।
अदालत ने इस मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए कहा कि मजिस्ट्रेट ने आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड और घटना की गंभीरता पर पर्याप्त विचार नहीं किया।
एक्टिंग चीफ जस्टिस रवींद्र घुगे और जस्टिस गौतम अंखाड़ की खंडपीठ ने कल्याण की मजिस्ट्रेट अदालत के जमानत आदेश पर स्वतः संज्ञान लेकर उसे स्थगित करते हुए रमेश म्हात्रे और उनके चार सहयोगियों की जमानत भी रद्द की।
अदालत ने कहा,
"जिस मामले में आरोपी चार अन्य लोगों को साथ लेकर नगर निगम अस्पताल के तीन डॉक्टरों पर हमला करता है और उनके साथ गंभीर मारपीट करता है, उसमें मजिस्ट्रेट ने मामले को हल्के में लिया है। आरोपी के आपराधिक इतिहास और डॉक्टरों पर हुए हमले के प्रभाव पर भी विचार नहीं किया गया।"
पीठ ने यह भी कहा कि पुलिस आरोपी से पूछताछ करना चाहती थी, लेकिन जमानत आदेश में ऐसी कोई शर्त नहीं लगाई गई, जिससे उसकी उपस्थिति की निगरानी की जा सके या जांच में सहयोग सुनिश्चित हो सके।
अदालत ने आदेश दिया कि रमेश म्हात्रे 19 जुलाई को शाम 5 बजे से पहले डोंबिवली पुलिस थाने में आत्मसमर्पण करें। यदि वह आत्मसमर्पण नहीं करते या उपलब्ध नहीं होते हैं तो पुलिस उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई करते हुए उनकी अचल संपत्तियों को कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू कर सकती है।
गौरतलब है कि रमेश म्हात्रे और उनके चार साथियों को जमानत मिलने के बाद महाराष्ट्र के सरकारी और नगर निगम अस्पतालों के डॉक्टरों ने 22 जुलाई से काम का बहिष्कार करने की घोषणा की थी।
जमानत रद्द करते हुए हाईकोर्ट ने डॉक्टरों से भी हड़ताल पर पुनर्विचार करने की अपील की।
पीठ ने कहा,
"हम सरकारी और नगर निगम अस्पतालों के सभी डॉक्टरों से समाज के व्यापक हित और मानवता की सेवा को ध्यान में रखते हुए 22 जुलाई से प्रस्तावित हड़ताल के फैसले पर पुनर्विचार करने की अपील करते हैं।"
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस स्वतः संज्ञान मामले की अगली सुनवाई 21 जुलाई को होगी।


