जस्टिस गौतम पटेल को मिली धमकियों की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक न हो, बॉम्बे हाईकोर्ट का महाराष्ट्र सरकार को निर्देश
Amir Ahmad
2 July 2026 4:46 PM IST

बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को निर्देश दिया कि पूर्व जस्टिस गौतम पटेल को मिली धमकियों और हमलों की जांच से संबंधित मुंबई पुलिस तथा विदेश मंत्रालय की रिपोर्ट किसी भी हालत में सार्वजनिक न की जाए।
अदालत ने कहा कि जांच से जुड़ी जानकारी बाहर आने से जांच प्रभावित हो सकती है और आरोपियों को लाभ मिल सकता है।
एक्टिंग चीफ जस्टिस रवींद्र घुगे और जस्टिस गौतम अंखाड की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान 26/11 मुंबई आतंकी हमले का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय लगातार प्रसारित हो रहे घटनाक्रम से हमलावरों को सुरक्षा बलों की कार्रवाई की जानकारी मिल रही थी।
अदालत ने कहा,
"आपको मुंबई हमले याद हैं। ट्राइडेंट होटल, कामा अस्पताल समेत कई स्थानों की कार्रवाई का लगातार प्रसारण हो रहा था जिससे हमलावरों को हर कदम की जानकारी मिल रही थी। हम नहीं चाहते कि इस मामले में भी हमलावरों को यह पता चले कि जांच किस दिशा में आगे बढ़ रही है और किन पहलुओं की पड़ताल हो रही है। इसलिए यह सुनिश्चित किया जाए कि जांच रिपोर्ट किसी भी कीमत पर सार्वजनिक न हो और किसी अन्य व्यक्ति के साथ साझा भी न की जाए।"
खंडपीठ ने महाराष्ट्र सरकार की ओर से एडवोकेट जरनल मिलिंद साठे और केंद्र की ओर से एडिशनल एडवोकेट जनरल अनिल सिंह द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर लिया।
सुनवाई के दौरान एडिशनल एडवोकेट जनरल ने अदालत को बताया कि विदेश मंत्रालय ने ब्रिटेन में जस्टिस गौतम पटेल और उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सभी कदम उठाए।
इसके बाद अदालत ने आदेश दिया कि मुंबई पुलिस और विदेश मंत्रालय की रिपोर्ट को अलग-अलग सीलबंद लिफाफों में सुरक्षित रखा जाएगा ताकि जांच से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक न हो।
अदालत ने यह भी कहा कि जांच में प्रगति हो रही है, इसलिए मामले की अगली सुनवाई 7 अगस्त 2026 को दोपहर तीन बजे होगी।
यह मामला बॉम्बे बार एसोसिएशन, एसोसिएशन ऑफ एडवोकेट्स ऑफ वेस्टर्न इंडिया और बॉम्बे इनकॉरपोरेटेड लॉ सोसाइटी द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान सामने आया।
मामले के अनुसार अप्रैल 2024 में दिए गए फैसले में जस्टिस गौतम पटेल ने सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन को दाऊदी बोहरा समुदाय का वैध उत्तराधिकारी और 53वें दाई-अल-मुतलक के रूप में मान्यता दी थी। इसके बाद से पिछले लगभग 11 महीनों से उन्हें और उनके परिवार को कथित तौर पर धमकियां मिल रही हैं।
बताया गया कि मुंबई में उनकी पत्नी को धमकी भरे पत्र मिले जबकि लंदन में उनकी बेटी को भी ऐसे ही पत्र भेजे गए।
पत्रों में कथित तौर पर कहा गया कि यदि जस्टिस गौतम पटेल अपने फैसले से पीछे नहीं हटते और यूट्यूब पर वीडियो जारी कर उसे वापस नहीं लेते तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। उनकी बेटी अदिति पटेल पर लंदन में एक नकाबपोश व्यक्ति ने हमला भी किया।
इसके बाद ब्रिटेन की हर्टफोर्डशायर पुलिस ने परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराई। वहीं विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार भारत के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने अपने ब्रिटेन दौरे के दौरान लंदन में भारत के उच्चायुक्त पी. कुमारन से मुलाकात कर जस्टिस गौतम पटेल के परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने को भी कहा।


