12 साल पुराने भूमि अधिग्रहण मामले में महिला को आखिरी मौका: राजस्थान हाईकोर्ट ने 25 पेड़ लगाने की शर्त पर साक्ष्य पेश करने की अनुमति दी
राजस्थान हाईकोर्ट ने 12 साल से लंबित भूमि अधिग्रहण मामले में महिला को अपना साक्ष्य पेश करने का आखिरी अवसर दिया। हाईकोर्ट ने यह राहत इस शर्त पर दी कि महिला 10 हजार रुपये जूनियर अधिवक्ता कल्याण कोष में जमा करेगी और सार्वजनिक स्थान पर छायादार 25 पेड़ लगाएगी।
जस्टिस अनूप कुमार की पीठ के समक्ष यह याचिका दायर की गई, जिसमें जयपुर के वरिष्ठ सिविल जज द्वारा पारित उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसके तहत महिला को साक्ष्य पेश करने की अनुमति नहीं दी गई।
मामला लंबे समय से लंबित होने को देखते हुए हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि पक्षकार को साक्ष्य प्रस्तुत करने का अंतिम अवसर दिया जा रहा है। हालांकि, अदालत ने इसके लिए शर्तें भी निर्धारित कीं, ताकि मुकदमे की कार्यवाही में अनावश्यक देरी न हो।
हाईकोर्ट ने महिला को 10 हजार रुपये जूनियर अधिवक्ता कल्याण कोष में जमा करने तथा सार्वजनिक स्थान पर छायादार 25 पेड़ लगाने का निर्देश दिया। अदालत ने इस अवसर को अंतिम अवसर के रूप में प्रदान किया।
इस प्रकार हाईकोर्ट ने एक ओर मामले में साक्ष्य प्रस्तुत करने का अवसर देकर न्याय के हित को ध्यान में रखा, वहीं दूसरी ओर 12 वर्षों से लंबित मुकदमे को देखते हुए महिला पर ऐसी शर्तें लगाईं, जिनसे कार्यवाही में आगे अनावश्यक विलंब न हो।