X Corp ने शुक्रवार को दिल्ली हाईकोर्ट को बताया कि इंटरनेट फ्रीडम फाउंडेशन (IFF) और SFLC को भेजे गए 'टेकडाउन नोटिस' दिल्ली पुलिस की ओर से नहीं बल्कि किसी बहुरूपिये द्वारा भेजे गए।

X के वकील ने जस्टिस अमित महाजन को बताया कि इस बहुरूपिये का पता लगाने के लिए दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई, और IFF तथा SFLC के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।

कोर्ट IFF और SFLC द्वारा उन 'टेकडाउन नोटिस' के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था, जिनमें उनके अकाउंट हटाने की मांग की गई।

IFF और SFLC की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अखिल सिबल ने कहा कि ये नोटिस कथित तौर पर स्पेशल कमिश्नर ऑफ पुलिस की ओर से जारी किए गए थे, लेकिन इनकी असलियत पर संदेह है।

सिबल ने कहा,

"हमने संबंधित अथॉरिटी को लिखकर इसकी पुष्टि करने को कहा था लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। अगर ये नोटिस असली हैं तो यह बहुत चिंताजनक बात है। मुझे RSS की ओर से एक लीगल नोटिस मिला है, जिसमें वकील के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है।"

इसके बाद X के वकील ने बताया कि एक आंतरिक जांच की गई, जिससे पता चला कि ये नोटिस दिल्ली पुलिस के नाम का इस्तेमाल करने वाले किसी बहुरूपिये ने भेजे थे।

उन्होंने कहा,

"हमने इन पर कोई कार्रवाई नहीं की। ये नोटिस दिल्ली पुलिस की तरफ से नहीं भेजे गए। हमने कल रात ही दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई ताकि उस बहुरूपिये का पता लगाया जा सके।"

इस पक्ष को संज्ञान में लेते हुए कोर्ट ने याचिकाओं का निपटारा किया।

अंग्रेजी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक

Tags: