NEET-UG की खोई स्कोरकार्ड पर दिल्ली हाईकोर्ट का आदेश, NTA को डुप्लीकेट जारी करने के निर्देश
दिल्ली हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) को उन मेडिकल ग्रेजुएट के लिए डुप्लीकेट NEET-UG स्कोरकार्ड जारी करने का निर्देश दिया, जिनके मूल स्कोरकार्ड खो गए या गुम हो गए। अदालत ने कहा कि ये अभ्यर्थी विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट परीक्षा (FMGE) की तैयारी कर रहे हैं, जो डॉक्टर के रूप में उनके करियर के लिए महत्वपूर्ण है।
जस्टिस जस्मीत सिंह ने कहा कि अभ्यर्थियों से अंतिम समय में सभी औपचारिकताएं पूरी करने की अपेक्षा करना उचित नहीं होगा, क्योंकि उनकी परीक्षा उनके चिकित्सकीय करियर के लिए महत्वपूर्ण है।
अदालत ने यह निर्देश उन याचिकाओं का निपटारा करते हुए दिया, जिनमें 31 अक्टूबर को प्रस्तावित FMGE में शामिल होने के लिए NEET-UG स्कोरकार्ड उपलब्ध कराने की मांग की गई। अदालत ने पाया कि स्कोरकार्ड उपलब्ध नहीं होने के कारण याचिकाकर्ताओं के FMGE आवेदन अधूरे रह गए।
परीक्षा के लिए आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख 25 सितंबर थी, जबकि पात्रता प्रमाणपत्र समेत दस्तावेजों से जुड़ी कमियों को 21 अक्टूबर तक दूर किया जा सकता था।
सुनवाई के दौरान NTA की ओर से अदालत का ध्यान 17 सितंबर को जारी सार्वजनिक सूचना और कार्यालय ज्ञापन की ओर दिलाया गया। इसमें मूल स्कोरकार्ड उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में डुप्लीकेट स्कोरकार्ड प्राप्त करने की प्रक्रिया तय की गई।
पहले तय प्रक्रिया के तहत गैर-न्यायिक स्टांप पेपर पर शपथपत्र, प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट या नोटरी से सत्यापन और स्कोरकार्ड खोने या चोरी होने की स्थिति में पुलिस रिपोर्ट, जैसे FIR, दैनिक डायरी रिपोर्ट, गैर-संज्ञेय रिपोर्ट या गुमशुदगी की रिपोर्ट की आवश्यकता है। इसके अलावा राजपत्रित अधिकारी या संस्थान प्रमुख से फोटो सत्यापित कराने की शर्त भी है।
हालांकि, NTA ने अदालत को बताया कि वह पुलिस रिपोर्ट और फोटो के राजपत्रित अधिकारी या संस्थान प्रमुख से सत्यापन की शर्त पर जोर नहीं देगा।
इसके बाद हाईकोर्ट ने वर्तमान याचिकाकर्ताओं के लिए प्रक्रिया में बदलाव करते हुए उन्हें भरा हुआ आवेदन, स्कोरकार्ड खोने के संबंध में स्व-सत्यापित शपथपत्र, दो हालिया पासपोर्ट आकार के फोटो, सरकारी पहचान पत्र, प्रवेश पत्र या पंजीकरण पर्ची उपलब्ध होने की जानकारी, निर्धारित शुल्क के भुगतान का प्रमाण और स्व-सत्यापित क्षतिपूर्ति-सह-शपथपत्र जमा करने का निर्देश दिया।
अदालत ने यह भी दर्ज किया कि याचिकाकर्ता निर्धारित शुल्क डिमांड ड्राफ्ट के बजाय NEFT के माध्यम से जमा कर सकते हैं। भुगतान का प्रमाण आवेदन के साथ लगाना होगा।
हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि सभी आवश्यक दस्तावेजों और विवरणों के साथ आवेदन आज से सात दिनों के भीतर NTA को जमा किया जाए और उसके बाद सात दिनों के भीतर डुप्लीकेट स्कोरकार्ड जारी किया जाए।
अदालत ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता 31 अक्टूबर को होने वाली FMGE में शामिल होने की इच्छा व्यक्त करते हुए अलग से पत्र दे सकते हैं। इस पत्र को राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान परीक्षा बोर्ड द्वारा पर्याप्त अनुपालन और वैध आवेदन माना जाएगा।
अदालत ने निर्देश दिया कि सभी कमियां 21 अक्टूबर 2026 को रात 11:55 बजे तक दूर करनी होंगी।
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि दिया गया यह आदेश केवल वर्तमान याचिकाकर्ताओं पर लागू होगा। अगली परीक्षाओं से 17 सितंबर 2026 की NTA की अधिसूचना के अनुसार ही डुप्लीकेट स्कोरकार्ड जारी करने की प्रक्रिया लागू होगी।