एक्टर मनोज बाजपेयी ने अपने पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा की मांग को लेकर सोमवार को दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया। मामले की संक्षिप्त सुनवाई जस्टिस पुरुषैंद्र कुमार कौरव की पीठ ने की। एक्टर की ओर से सीनियर एडवोकेट स्वाति सुकुमार पेश हुईं।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने क्षेत्राधिकार को लेकर सवाल किया कि जब बाजपेयी मुख्य रूप से मुंबई में रहते हैं तो उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट का रुख क्यों किया। इस पर सुकुमार ने बताया कि मामले में कुछ प्रतिवादी दिल्ली में मौजूद हैं, इसलिए दिल्ली हाईकोर्ट के क्षेत्राधिकार का आधार बनता है।
अदालत को बताया गया कि प्रतिवादी नंबर एक एच2पीजी डिजाइन्स प्राइवेट लिमिटेड बाजपेयी की तस्वीरों का इस्तेमाल इस तरह कर रही है, जिससे यह प्रदर्शित हो कि एक्टर उसके बनाए सूट पहनते हैं। एक अन्य प्रतिवादी पर एक्टर की आवाज को कृत्रिम बुद्धिमत्ता के जरिए तैयार करने का आरोप है। बाजपेयी ने AI चैटबॉट्स द्वारा उनकी पहचान और व्यक्तित्व से जुड़े तत्वों के इस्तेमाल पर भी आपत्ति जताई।
जस्टिस कौरव ने कहा कि ऐसे मामलों में अदालत सुनवाई कर अंतिम आदेश पारित कर सकती है, खासकर जब प्रतिवादी मामले का विरोध करने अदालत के समक्ष उपस्थित नहीं होते। उन्होंने कहा कि अदालत पर अनावश्यक बोझ डालने के बजाय ऐसे मामलों को व्यवस्थित तरीके से निपटाने की जरूरत है। यदि नियमित रूप से इसी तरह के मामले आते हैं तो उन्हें रजिस्ट्रार के स्तर पर निपटाया जा सकता है।
कोर्ट ने बाजपेयी की ओर से पेश वकील को पर्सनैलिटी राइट्स से जुड़े मामलों में पारित अंतरिम आदेशों और अंतिम आदेशों का संकलन तैयार करने को कहा। साथ ही, यह भी बताने को कहा कि दूसरे हाईकोर्ट ने पर्सनैलिटी राइट्स से जुड़े मामलों में किस तरह की व्यवस्था अपनाई।