चुने हुए प्रतिनिधि को यह तय करने का अधिकार नहीं है कि किसी विशेष कर्मचारी की नियुक्ति कहांं की जाए : हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट

Update: 2020-03-22 04:00 GMT

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने बुधवार को कहा कि चुना हुआ प्रतिनिधि यह तय करने का अधिकार नहीं रखता कि किसी विशेष कर्मचारी की नियुक्ति किस जगह पर होगी और इसका फैसला प्रशासनिक प्रमुख कर सकता है, कोई विधायक नहीं।

मामला यह है कि किसी अधिकारी की नियुक्ति कहाँ होगी यह मंत्री तय करता है और प्रशासनिक विभाग के लिए इसमें किसी तरह की भूमिका नहीं छोड़ी जाती है।

खंडपीठ ने कहा,

"…यह देखा गया है कि संबंधित मंत्री ने न केवल पाँच लोगों के ट्रांसफ़र की इच्छा जतायी और इस बारे में सुझाव दिया बल्कि यह भी बताया कि उन्हें कहाँ नियुक्ति देनी है…।"

अदालत ने कहा,

"मुख्यमंत्री और मंत्री/चुने हुए प्रतिनिधि किसी कर्मचारी के ट्रांसफ़र का सुझाव दे सकते हैं पर ट्रांसफ़र का आदेश अंततः प्रशासनिक प्रमुख ही अपनी संतुष्टि के अनुरूप लेगा और वह सुझाव से प्रभावित हुए बिना…", । अदालत ने आगे कहा, "इस मामले में प्रशासनिक प्रमुख ने स्वतंत्र निर्णय नहीं लिए और इस उद्देश्य कि लिए किसी तरह का अवसर छोड़ा नहीं गया था और इसलिए यह निर्णय संबंधित मंत्री के सुझावों से प्रभावित था।"

अदालत ने कहा कि विधानसभा के सदस्य या संबंधित मंत्री को सुझाव देने का अधिकार है पर इन सुझावों को अंतिम नहीं माना जा सकता। सिद्धांततः ट्रांसफ़र जनहित में प्रशासनिक ज़रूरतों के हिसाब से होता है जो कि इस मामले में पूरी तरह अनुपस्थित है…।
  




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