12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने मोहम्मद असगर अली की याचिका खारिज की। वह गुजरात के पूर्व गृह मंत्री हरेन पांड्या की हत्या के मामले में उम्रकैद की सज़ा काट रहा है और उसने समय से पहले रिहाई की मांग की थी।

गुजरात सरकार ने कोर्ट को बताया कि उसने उसकी सज़ा कम करने की अपील ठुकरा दी है।

जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस अपारेश कुमार सिंह की बेंच ने मामले की सुनवाई की और आदेश दिया कि वह इस मामले को आगे नहीं बढ़ाएंगे, क्योंकि राज्य ने उसकी सज़ा कम करने की अपील ठुकरा दी है और उसके पास हाईकोर्ट में इसे चुनौती देने का अधिकार है।

बता दें, जुलाई में गुजरात हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से छह महीने के भीतर फैसला लेने को कहा था। पांड्या की हत्या 26 मार्च 2003 को अहमदाबाद में लॉ गार्डन के पास मॉर्निंग वॉक के दौरान गोली मारकर कर दी गई।

CBI के अनुसार, राज्य में 2002 के सांप्रदायिक दंगों का बदला लेने के लिए उनकी हत्या की गई।

ट्रायल कोर्ट ने जून 2007 में पांड्या की हत्या के लिए 12 लोगों को दोषी ठहराया। हालांकि, हाईकोर्ट ने 2011 में उन सभी को बरी किया और कहा कि जांच खराब और गलत दिशा में की गई थी। 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने 2003 में राज्य के पूर्व गृह मंत्री हरेन पांड्या की हत्या के मामले में आरोपियों की दोषसिद्धि और सज़ा बहाल की।

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