NEET-UG 2026: OMR में गड़बड़ी का आरोप लगाने वाले छात्रों से सुप्रीम कोर्ट ने कहा- पहले हाईकोर्ट जाएं

Update: 2026-08-07 07:43 GMT

सुप्रीम कोर्ट ने NEET-UG 2026 के छह अभ्यर्थियों की उस याचिका का निस्तारण किया, जिसमें परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद उपलब्ध कराई गई OMR शीट की प्रतियों और परीक्षा के दौरान भरे गए उत्तरों में कथित विसंगति का आरोप लगाया गया।

जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक आराधे की खंडपीठ ने याचिकाकर्ताओं को दिल्ली हाईकोर्ट जाने की स्वतंत्रता देते हुए कहा कि वह इस याचिका पर विचार नहीं कर सकती, क्योंकि पुनर्परीक्षा पहले ही हो चुकी है और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के संस्थागत ढांचे से जुड़ा मामला पहले से न्यायालय के विचाराधीन है।

याचिकाकर्ताओं की ओर से वकीलों संजीव मल्होत्रा ने कहा कि छात्र चल रही काउंसलिंग प्रक्रिया में किसी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं चाहते। उनकी सीमित मांग केवल इतनी है कि उन्हें मूल OMR शीट तक पहुंच दी जाए, ताकि वे अपने अंकों का सत्यापन कर सकें।

उन्होंने अदालत को बताया कि संबंधित छात्रों ने 600 और 650 से अधिक अंक प्राप्त किए, लेकिन परिणाम घोषित होने के बाद उपलब्ध कराई गई ओएमआर शीट की प्रतियां उन उत्तरों से मेल नहीं खातीं, जिन्हें उन्होंने परीक्षा के दौरान भरा था।

वकील ने यह भी कहा कि NTA ने OMR शीट पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए समय दिया, लेकिन कथित विसंगति का पता परिणाम घोषित होने के बाद चला।

इस पर जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा ने कहा कि याचिकाकर्ता इस संबंध में दिल्ली हाईकोर्ट का रुख कर सकते हैं।

गौरतलब है कि OMR शीट में कथित छेड़छाड़ के आरोपों को लेकर देश के विभिन्न हाईकोर्ट में भी याचिकाएं दायर की गईं।

हाल ही में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने अभ्यर्थी की मूल OMR शीट पेश कराने की मांग वाली याचिका यह कहते हुए खारिज की थी कि वह दुर्भावना (माला फाइड) साबित नहीं कर सका और NTA की शिकायत निवारण प्रक्रिया अपनाए बिना सीधे रिट याचिका दायर की।

वहीं, बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक अन्य मामले में NTA को मूल OMR शीट पेश करने का निर्देश दिया, जबकि मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने इसी तरह की एक याचिका पर नोटिस जारी कर रखा।

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