अभिषेक बनर्जी की याचिका पर पूजा की छुट्टियों से पहले सुनवाई से हाईकोर्ट का इनकार, दिसंबर में लगेगी तारीख
कलकत्ता हाईकोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी की उस याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से इनकार किया, जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ चल रही जांच और मामलों से संबंधित मीडिया रिपोर्टिंग पर रोक लगाने की मांग की।
बनर्जी का आरोप है कि जांच से जुड़ी जानकारियां मीडिया में प्रसारित होने के कारण उनका मीडिया ट्रायल हो रहा है और उनकी प्रतिष्ठा प्रभावित हो रही है।
जस्टिस सौगत भट्टाचार्य के समक्ष जब मामले का उल्लेख कर तत्काल सुनवाई की मांग की गई तो अदालत ने कहा कि पूजा की छुट्टियों से पहले इस मामले की सुनवाई संभव नहीं है। इसके बाद मामले को दिसंबर 2026 की मासिक सूची में शामिल करने के लिए रखने का निर्देश दिया गया।
अभिषेक बनर्जी की याचिका में आरोप लगाया गया कि पूछताछ और जांच की अन्य कार्रवाइयों से जुड़ी जानकारियां मीडिया संस्थानों तक पहुंचाई जा रही हैं। उनका कहना है कि इस तरह की जानकारी सार्वजनिक होने से उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंच रहा है और निष्पक्ष जांच के अधिकार पर भी असर पड़ सकता है।
इससे पहले आठ अक्टूबर को याचिका का उल्लेख जस्टिस कृष्ण राव की सिंगल बेंच के समक्ष किया गया। उस समय अदालत ने याचिका पर सुनवाई करने से इनकार करते हुए कहा कि पुलिस की कार्रवाई से संबंधित मामलों की सुनवाई का अधिकार रखने वाली उपयुक्त पीठ के समक्ष इसे रखा जाना चाहिए।
अदालत ने बनर्जी को उचित पीठ के पास जाने की स्वतंत्रता दी थी।
बनर्जी की ओर से पेश वकील ने दलील दी थी कि जांच एजेंसियां किसी लंबित जांच का विवरण मीडिया के साथ साझा नहीं कर सकतीं। उन्होंने ऐसी जानकारियों के प्रसार को रोकने के लिए निर्देश देने की मांग की थी, जिनसे जांच प्रभावित हो सकती है और याचिकाकर्ता की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंच सकता है।
फिलहाल हाईकोर्ट ने मामले की तत्काल सुनवाई नहीं की।
याचिका पर आगे की सुनवाई दिसंबर 2026 की मासिक सूची में शामिल किए जाने के बाद होगी।
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