UP Goonda Act: सिर्फ दो मुकदमों से किसी को गुंडा नहीं कहा जा सकता- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आदेश रद्द किया

Amir Ahmad

22 April 2026 4:31 PM IST

  • UP Goonda Act: सिर्फ दो मुकदमों से किसी को गुंडा नहीं कहा जा सकता- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आदेश रद्द किया

    इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि केवल एक या दो आपराधिक मामलों के आधार पर किसी व्यक्ति को 'गुंडा' घोषित नहीं किया जा सकता। अदालत ने कहा कि ऐसा करना व्यक्ति और उसके परिवार की प्रतिष्ठा को अपूरणीय क्षति पहुंचाता है।

    जस्टिस संदीप जैन की एकल पीठ ने यह टिप्पणी याचिका पर सुनवाई के दौरान की, जिसमें छह महीने के बाहरीकरण आदेश को चुनौती दी गई। यह आदेश बुलंदशहर के एडिशनल जिला मजिस्ट्रेट (वित्त एवं राजस्व) द्वारा पारित किया गया, जिसे मेरठ मंडल के आयुक्त ने भी बरकरार रखा था।

    प्रशासन ने याचिकाकर्ता के खिलाफ दर्ज दो आपराधिक मामलों के आधार पर उसे आदतन अपराधी बताते हुए समाज के लिए खतरा माना था। यह भी कहा गया कि उसकी गतिविधियों से इलाके में भय का माहौल बन गया, जिससे लोग उसके खिलाफ गवाही देने से कतराते हैं।

    हालांकि, हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि आदतन अपराधी साबित करने के लिए केवल कुछ अलग-थलग घटनाएं पर्याप्त नहीं हैं। अदालत ने कहा कि उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण अधिनियम, 1970 के तहत कार्रवाई के लिए यह दिखाना जरूरी है कि व्यक्ति लगातार अपराधों में लिप्त रहा हो।

    अदालत ने अपने पूर्व फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि एक या दो मामलों से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि व्यक्ति आदतन अपराधी है। साथ ही यह भी कहा गया कि यदि घटनाओं के बीच लंबा अंतर हो तो आदतन होने का तत्व और भी कमजोर हो जाता है।

    इन तथ्यों को देखते हुए अदालत ने माना कि याचिकाकर्ता को केवल दो मामलों के आधार पर गुंडा घोषित करना उचित नहीं है। इसलिए उसके खिलाफ की गई पूरी कार्यवाही को अवैध ठहराते हुए रद्द कर दिया गया।

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