PNB में नौकरी का अनुभव सरकारी कार्यालय का अनुभव नहीं, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका
Amir Ahmad
25 Sept 2026 3:43 PM IST

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि पंजाब नेशनल बैंक (PNB) में हासिल किया गया कार्य अनुभव किसी भर्ती विज्ञापन में निर्धारित 'सरकारी कार्यालय' के अनुभव के बराबर नहीं माना जा सकता।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि संविधान के अनुच्छेद 12 के तहत किसी संस्था का 'राज्य' की परिभाषा में आना मात्र इस आधार पर उसे 'सरकारी कार्यालय' नहीं बना देता।
जस्टिस दिनेश पाठक की पीठ ने यह टिप्पणी सत्य प्रकाश की याचिका खारिज करते हुए की। सत्य प्रकाश ने उच्च शिक्षा विभाग में रजिस्ट्रार के पद के लिए अपनी उम्मीदवारी खारिज किए जाने को चुनौती दी थी।
17 अक्टूबर 2024 के भर्ती विज्ञापन में रजिस्ट्रार पद के लिए उम्मीदवार के पास विश्वविद्यालय, सरकारी कार्यालय या उच्च शिक्षा संस्थान में प्रशासनिक एवं पर्यवेक्षण स्तर पर 15 वर्ष का अनुभव अथवा कॉलेज या विश्वविद्यालय में 15 वर्ष का शिक्षण अनुभव होना आवश्यक है।
याचिकाकर्ता के पास 18 वर्ष से अधिक का कार्य अनुभव है। उसका दावा था कि पंजाब नेशनल बैंक संविधान के अनुच्छेद 12 के तहत 'राज्य' की परिभाषा में आता है, इसलिए वहां प्राप्त अनुभव को सरकारी कार्यालय का अनुभव माना जाना चाहिए। यह भी दलील दी गई कि विज्ञापन में 'सरकारी कार्यालय' की कोई स्पष्ट परिभाषा नहीं दी गई है और राष्ट्रीयकृत बैंकों के कर्मचारी भारतीय दंड संहिता की धारा 21 के तहत 'लोक सेवक' की परिभाषा में आते हैं।
हाईकोर्ट ने इन दलीलों को स्वीकार नहीं किया। कोर्ट ने कहा कि अनुच्छेद 12 के तहत किसी संस्था का 'राज्य' की श्रेणी में होना और भारतीय दंड संहिता की धारा 21 के तहत उसके कर्मचारियों का 'लोक सेवक' होना, अलग-अलग संवैधानिक और कानूनी संदर्भों में लागू होने वाली अवधारणाएं हैं। इनका इस्तेमाल भर्ती विज्ञापन में प्रयुक्त 'सरकारी कार्यालय' शब्द के अर्थ के समान नहीं किया जा सकता।
कोर्ट ने कहा,
“किसी संस्था को संविधान के अनुच्छेद 12 के तहत 'राज्य' में शामिल किया जाना मात्र इस बात को स्थापित नहीं करता कि वह निर्धारित पात्रता शर्त के लिए 'सरकारी कार्यालय' है।”
पीठ ने यह भी कहा कि अदालत के सामने ऐसा कोई आधार नहीं रखा गया, जिससे यह स्थापित हो सके कि पंजाब नेशनल बैंक एक सरकारी कार्यालय है और उसके कर्मचारी संविधान के अनुच्छेद 311 के तहत संरक्षित हैं।
हाईकोर्ट ने एक पूर्व समकक्ष पीठ के फैसले का भी संज्ञान लिया। उस मामले में बैंक ऑफ बड़ौदा और उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक में हासिल अनुभव को संबंधित पात्रता शर्त के लिए मान्य करने की मांग खारिज की गई। इस फैसले के खिलाफ विशेष अपीलें लंबित हैं, लेकिन अदालत के सामने यह नहीं रखा गया कि उन मामलों में कोई अंतरिम आदेश पारित हुआ।
कोर्ट ने कहा कि केवल विशेष अपीलों के लंबित होने के आधार पर मौजूदा मामले में उस मुद्दे को दोबारा खोलने का कोई आधार नहीं है। याचिकाकर्ता द्वारा जिन फैसलों का हवाला दिया गया, वे भी इस भर्ती विज्ञापन में निर्धारित विशेष पात्रता शर्त के संदर्भ में यह साबित नहीं करते कि पंजाब नेशनल बैंक में हासिल अनुभव अनिवार्य रूप से 'सरकारी कार्यालय' का अनुभव माना जाएगा।
पीठ ने कहा,
“यह अदालत याचिकाकर्ता की इस दलील से सहमत नहीं है कि पंजाब नेशनल बैंक में हासिल अनुभव विज्ञापन में निर्धारित शैक्षणिक योग्यता की धारा ए(2) की शर्त पूरी करता है।”
इसके साथ ही हाईकोर्ट ने 11 सितंबर 2026 को सत्य प्रकाश की उम्मीदवारी खारिज करने वाली अधिसूचना में हस्तक्षेप करने से इनकार किया और याचिका को आधारहीन बताते हुए खारिज किया।
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