छोटी टाइपिंग गलती पर पेट्रोल पंप आवंटन रद्द करना गलत: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने BPCL को फटकारा

Amir Ahmad

4 April 2026 3:30 PM IST

  • छोटी टाइपिंग गलती पर पेट्रोल पंप आवंटन रद्द करना गलत: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने BPCL को फटकारा

    इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में कहा कि केवल टाइपिंग की मामूली गलती के आधार पर पेट्रोल पंप का आवंटन रद्द करना न सिर्फ अनुचित है बल्कि कानूनन भी गलत है।

    इसके साथ ही अदालत ने भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा किया गया आवंटन रद्द करने का फैसला निरस्त किया।

    जस्टिस शेखर बी. सराफ और जस्टिस इंद्रजीत शुक्ला की खंडपीठ ने यह टिप्पणी करते हुए कहा कि जब आवेदक ने लेटर ऑफ इंटेंट मिलने के बाद भारी निवेश कर दिया हो तब इस तरह का निर्णय पूरी तरह अन्यायपूर्ण है।

    मामले के अनुसार भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड ने विभिन्न स्थानों पर पेट्रोल पंप के लिए विज्ञापन जारी किया था। याचिकाकर्ता ने आवेदन किया और वर्ष 2020 में उसे लेटर ऑफ इंटेंट भी जारी कर दिया गया।

    हालांकि, एक वकील की शिकायत के आधार पर वर्ष 2022 में यह आवंटन रद्द कर दिया गया। कारण यह बताया गया कि स्थान के विवरण में 'MDR' (मुख्य जिला सड़क) की जगह ODR' (अन्य जिला सड़क) लिखा जाना चाहिए था।

    गौरतलब है कि कंपनी ने खुद स्वीकार किया कि यह त्रुटि उनके मसौदे की थी और याचिकाकर्ता की ओर से कोई गलती नहीं थी।

    हाईकोर्ट ने इस तर्क को खारिज करते हुए कहा कि यह मात्र एक टाइपिंग त्रुटि थी, जिससे स्थान की पहचान में कोई भ्रम नहीं था।

    अदालत ने यह भी कहा कि किसी भी व्यक्ति ने यह शिकायत नहीं की कि इस त्रुटि के कारण उसे आवेदन करने का अवसर नहीं मिला।

    अदालत ने कहा,

    “सिर्फ 'एम' की जगह 'ओ' लिखने की गलती के कारण दो साल बाद आवंटन रद्द करना न केवल अन्यायपूर्ण है बल्कि कानून के किसी भी सिद्धांत पर आधारित नहीं है।”

    कोर्ट ने यह भी माना कि याचिकाकर्ता ने लेटर ऑफ इंटेंट के आधार पर भारी निवेश किया, जिससे उसके मन में यह वैध अपेक्षा बनी कि परियोजना जारी रहेगी।

    इन सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए हाईकोर्ट ने BPCL का आदेश रद्द किया और निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता को जारी लेटर ऑफ इंटेंट के अनुसार आगे की प्रक्रिया जारी रखी जाए।

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