पंचायत चुनाव 2026: OBC आयोग गठन में देरी पर हाईकोर्ट सख्त, यूपी सरकार से मांगी स्पष्ट समयसीमा
Amir Ahmad
30 April 2026 4:47 PM IST

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव 2026 के लिए समर्पित अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) आयोग के गठन में देरी पर राज्य सरकार से कड़ा रुख अपनाते हुए पूछा कि आयोग का गठन आखिर कब तक किया जाएगा।
जस्टिस सौरभ लवानिया की पीठ ने पंचायती राज विभाग के प्रमुख सचिव को नोटिस जारी कर तीन सप्ताह के भीतर शपथपत्र दाखिल करने का निर्देश दिया, जिसमें आयोग गठन की स्पष्ट समयसीमा बतानी होगी।
मामले की अगली सुनवाई 19 मई को होगी।
अदालत अवमानना याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसे अधिवक्ता मोतीलाल यादव ने दायर किया। याचिका में आरोप लगाया गया कि राज्य सरकार ने ओबीसी आयोग गठन संबंधी पूर्व आदेश का जानबूझकर पालन नहीं किया और इस प्रकार अदालत की अवमानना की।
यह अवमानना याचिका उस जनहित याचिका के निस्तारण के लगभग दो महीने बाद दायर की गई, जिसमें राज्य सरकार ने हाइकोर्ट को आश्वासन दिया था कि पंचायत चुनाव कानूनानुसार कराने के लिए OBC आयोग गठित करने की प्रक्रिया जारी है।
मूल याचिका में कहा गया कि आयोग गठित किए बिना राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित ट्रिपल टेस्ट की शर्तें पूरी नहीं कर सकती।
सुप्रीम कोर्ट ने विकास किशनराव गवाली बनाम महाराष्ट्र राज्य मामले में OBC आरक्षण लागू करने से पहले तीन शर्तें निर्धारित की है।
हली स्थानीय निकायों में पिछड़ेपन की प्रकृति और प्रभाव का समकालीन व ठोस अनुभवजन्य अध्ययन करने के लिए समर्पित आयोग का गठन।
दूसरी आयोग की सिफारिशों के आधार पर स्थानीय निकाय-वार आरक्षण का अनुपात तय करना।
तीसरी, एससी, एसटी और ओबीसी आरक्षण का कुल योग 50 प्रतिशत से अधिक न होना।
याचिका में यह भी कहा गया कि यदि 2021 की आरक्षण सूची के आधार पर चुनाव कराए गए तो यह उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम, 1947 तथा सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का उल्लंघन होगा।
याचिकाकर्ता ने आशंका जताई कि यदि आयोग गठन में और देरी हुई तो पंचायत चुनाव 2027 तक टल सकते हैं, जिससे उनका कार्यक्रम विधानसभा चुनावों के साथ टकरा सकता है।
हाईकोर्ट ने अब राज्य सरकार से स्पष्ट रूप से बताने को कहा कि OBC आयोग का गठन कब तक किया जाएगा।

