राम मंदिर चंदा चोरी विवाद: जांच की मांग वाली याचिकाओं पर तत्काल सुनवाई से हाईकोर्ट का इनकार
Amir Ahmad
22 Jun 2026 4:12 PM IST

अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे और कीमती वस्तुओं के कथित गबन के आरोपों की जांच की मांग करने वाली दो जनहित याचिकाओं पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने तत्काल सुनवाई से इनकार किया।
जस्टिस पंकज भाटिया और जस्टिस अमिताभ कुमार राय की अवकाशकालीन खंडपीठ ने मौखिक रूप से कहा कि मामले में तत्काल सुनवाई की कोई विशेष आवश्यकता नहीं है, क्योंकि राज्य सरकार पहले ही जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर चुकी है।
पहली जनहित याचिका वकील मोहित अशोक ने दायर की। इसमें मंदिर में प्राप्त नकद, सोना और चांदी सहित चढ़ावे के कथित गबन की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से स्वतंत्र, विश्वसनीय और समयबद्ध जांच कराने की मांग की गई।
याचिका में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के खातों का भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) से विशेष फॉरेंसिक ऑडिट कराने की भी मांग की गई।
याचिका में 8 जून को प्रकाशित एक समाचार रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया गया कि मंदिर के दानपात्रों में श्रद्धालुओं द्वारा जमा की गई धनराशि का कुछ कर्मचारियों ने गबन किया। याचिकाकर्ता का कहना है कि चार संदिग्ध कर्मचारियों को हिरासत में लिया गया और एक कर्मचारी से जुड़े बैंक खाते से कथित रूप से करीब पांच लाख रुपये बरामद किए गए। फिर भी संबंधित अधिकारी प्रभावी कार्रवाई के बजाय आरोपों से इनकार करने में लगे हैं।
दूसरी जनहित याचिका एडवोकेट मोतीलाल यादव ने दायर की। इसमें रिटायर सुप्रीम कोर्ट या हाइकोर्ट के जजों की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय न्यायिक आयोग गठित कर पूरे मामले की जांच कराने की मांग की गई।
याचिका में अयोध्या के जिला जज को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का प्रशासक या रिसीवर नियुक्त करने की भी मांग की गई। साथ ही SIT जांच पूरी होने तक ट्रस्ट की शक्तियों और बैंक खातों को अस्थायी रूप से स्थगित करने की प्रार्थना की गई है, ताकि किसी भी संभावित छेड़छाड़ या वित्तीय अनियमितता को रोका जा सके।
गौरतलब है कि 13 जून को उत्तर प्रदेश सरकार ने मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर तीन सदस्यीय SIT का गठन किया। यह कदम मंदिर में प्राप्त चढ़ावे के कथित गबन के आरोपों के बाद उठाया गया।
हालांकि, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पहले ही इन आरोपों से इनकार कर चुका है। ट्रस्ट का कहना है कि श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित धनराशि और कीमती वस्तुओं के संग्रह, सत्यापन और सुरक्षित जमा करने की स्थापित प्रक्रिया का पालन किया जाता है।
SIT की अध्यक्षता लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत कर रहे हैं। इसके अन्य सदस्यों में पुलिस महानिरीक्षक किरण एस और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन शामिल हैं। SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट आज (सोमवार) मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपी जा सकती है।

