नाबालिग से छेड़छाड़ के बाद आत्महत्या का मामला: इलाहाबाद हाइकोर्ट ने POCSO आरोपी की जमानत रद्द की
Amir Ahmad
23 March 2026 4:28 PM IST

इलाहाबाद हाइकोर्ट ने गंभीर मामले में POCSO आरोपी की जमानत रद्द की, जिस पर आरोप है कि जमानत पर छूटने के बाद उसने नाबालिग पीड़िता को फिर से परेशान किया, जिसके चलते उसने आत्महत्या कर ली।
जस्टिस बृज राज सिंह की पीठ ने पाया कि आरोपी ने जमानत की शर्तों का उल्लंघन किया और मिली स्वतंत्रता का दुरुपयोग किया। अदालत ने उसे दो सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया।
मामले में पीड़िता के पिता ने अदालत का रुख करते हुए आरोपी की जमानत रद्द करने की मांग की थी।
आरोप है कि आरोपी पहले से ही नाबालिग के साथ छेड़छाड़ के मामले में आरोपित है लेकिन जमानत मिलने के बाद उसने फिर से उसे परेशान करना शुरू कर दिया।
बताया गया कि आरोपी ने पीड़िता के साथ लगातार छेड़छाड़ की और उसे धमकाया। इन परिस्थितियों से परेशान होकर नाबालिग ने जुलाई 2025 की रात आत्महत्या कर ली।
इसके बाद आरोपी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का नया मामला दर्ज किया गया, जिसमें पुलिस ने जांच के बाद आरोपपत्र भी दाखिल कर दिया।
अदालत ने कहा कि जमानत रद्द करने के लिए ठोस और गंभीर परिस्थितियों का होना आवश्यक है। इस संदर्भ में कोर्ट ने माना कि इस मामले में ऐसे पर्याप्त आधार मौजूद हैं, क्योंकि आरोपी के खिलाफ लगे नए आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए।
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि सामान्यतः जमानत रद्द नहीं की जाती, लेकिन जब परिस्थितियां अत्यंत गंभीर हों और न्यायालय की संवेदना को झकझोर दें, तब हस्तक्षेप जरूरी हो जाता है।
इन तथ्यों को देखते हुए हाइकोर्ट ने आरोपी की जमानत रद्द की और उसे न्यायिक प्रक्रिया के समक्ष पेश होने का आदेश दिया।

