रेलवे अधिकारी की गिरफ्तारी पर खबर छापने के मामले में 'हिंदुस्तान' के प्रधान संपादक को हाईकोर्ट से राहत

Amir Ahmad

12 May 2026 11:36 AM IST

  • रेलवे अधिकारी की गिरफ्तारी पर खबर छापने के मामले में हिंदुस्तान के प्रधान संपादक को हाईकोर्ट से राहत

    इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दैनिक समाचार पत्र हिंदुस्तान के प्रधान संपादक शशि शेखर के खिलाफ चल रही आपराधिक मानहानि कार्यवाही पर रोक लगाई।

    जस्टिस बृज राज सिंह की एकल पीठ ने यह आदेश शशि शेखर की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया।

    मामला गोंडा कोर्ट में दायर मानहानि शिकायत से जुड़ा है। शिकायतकर्ता दिलीप कुमार वर्मा रेलवे स्टेशन पर स्टेशन अधीक्षक के पद पर तैनात थे। उन पर शीशम के पेड़ों की अवैध कटाई के मामले में रेलवे संपत्ति अधिनियम, 1966 की धारा 3 के तहत FIR दर्ज की गई थी। इस मामले में उनकी गिरफ्तारी भी हुई थी। हालांकि बाद में उन्हें जमानत मिल गई।

    इसके बाद 'हिंदुस्तान' समाचार पत्र में इस प्रकरण और गिरफ्तारी से संबंधित खबर प्रकाशित हुई। इसी खबर को आधार बनाकर वर्ष 2020 में दिलीप कुमार वर्मा ने आपराधिक मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी।

    गोंडा की सिविल जज एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत ने पिछले वर्ष दिसंबर में संज्ञान लेते हुए शशि शेखर को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 500 के तहत तलब किया।

    हाईकोर्ट में शशि शेखर की ओर से दलील दी गई कि प्रकाशित खबर में उनके खिलाफ कोई व्यक्तिगत आरोप नहीं लगाया गया और न ही कथित अपराध में उनकी कोई विशेष भूमिका बताई गई।

    यह भी कहा गया कि शिकायत में स्वयं गिरफ्तारी का उल्लेख मौजूद है और यह तथ्य धारा 200 तथा धारा 202 दंड प्रक्रिया संहिता के तहत दर्ज बयानों से भी पुष्ट होता है।

    याचिका में यह भी तर्क रखा गया कि समाचार पूरी तरह दर्ज आपराधिक मामले के तथ्यों पर आधारित था।

    इन दलीलों पर गौर करते हुए हाइकोर्ट ने कहा कि मामला विचारणीय है। अदालत ने शिकायतकर्ता को नोटिस जारी करते हुए अगली सुनवाई तक शशि शेखर के खिलाफ चल रही कार्यवाही पर अंतरिम रोक लगाई।

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