हमीरपुर के 200 से अधिक स्कूली बच्चों के लिए सड़क का मामला: हाईकोर्ट ने वन विभाग से जल्द NOC देने को कहा

Amir Ahmad

25 Aug 2026 3:39 PM IST

  • हमीरपुर के 200 से अधिक स्कूली बच्चों के लिए सड़क का मामला: हाईकोर्ट ने वन विभाग से जल्द NOC देने को कहा

    हमीरपुर में स्कूल तक सड़क नहीं होने के कारण परेशान 200 से अधिक स्कूली बच्चों के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वन विभाग को सड़क निर्माण के लिए जरूरी अनापत्ति प्रमाणपत्र जल्द जारी करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि वन विभाग को अपनी सामान्य गति से नहीं बल्कि तेजी से यह प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए।

    चीफ जस्टिस अरुण भंसाली और जस्टिस क्षितिज शैलेंद्र की पीठ सोमवार को इस मामले में स्वतः संज्ञान लेकर सुनवाई कर रही थी। कोर्ट को बताया गया कि राज्य सरकार ने सड़क निर्माण के लिए 1.81 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं, लेकिन स्कूल तक जाने वाले रास्ते का करीब 1.6 किलोमीटर हिस्सा वन भूमि पर है। इसलिए सड़क निर्माण वन विभाग की अनापत्ति पर निर्भर है।

    कोर्ट ने अपने आदेश में कहा,

    "हम उम्मीद करते हैं कि वन विभाग जरूरी एनओसी अपनी सामान्य गति से नहीं, बल्कि तेजी से जारी करेगा।"

    यह मामला हमीरपुर के चंदूपुर गांव के 200 से अधिक स्कूली बच्चों से जुड़ा है। सड़क नहीं होने के कारण बच्चे अपने अभिभावकों के साथ करीब पांच किलोमीटर पैदल चलकर जिलाधिकारी के सामने प्रदर्शन करने पहुंचे थे। बच्चों के इस तरह पैदल चलकर विरोध करने की खबर का इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया था।

    पिछली सुनवाई में कोर्ट ने कहा था कि स्कूल तक सड़क की मांग को लेकर बच्चों का पांच किलोमीटर पैदल चलना उनकी परेशानियों की गंभीरता को दर्शाता है।

    कोर्ट ने यह भी कहा कि गांव में बच्चों के स्कूल तक सड़क जैसी बुनियादी सुविधा के लिए छोटे बच्चों को जिलाधिकारी के सामने प्रदर्शन करना स्वीकार नहीं किया जा सकता।

    सोमवार को राज्य सरकार की ओर से सड़क निर्माण की स्थिति के संबंध में जानकारी कोर्ट के सामने रखी गई। बताया गया कि जिस 1.6 किलोमीटर हिस्से पर अभी सड़क नहीं बनी है, वह वन भूमि है। वर्ष 2015 में सड़क निर्माण को मंजूरी मिली थी, लेकिन वन विभाग की एनओसी नहीं मिलने के कारण बाद में परियोजना रोक दी गई।

    इसके बाद राज्य सरकार ने NOC हासिल करने के लिए नए सिरे से प्रयास शुरू किए। सरकार ने कोर्ट को बताया कि इलाके की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए सीमेंट की सड़क बनाना जरूरी है।

    राज्य सरकार ने वन विभाग से अनुमति लेने के लिए कुछ और समय मांगा। इस बीच सरकार 1.6 किलोमीटर के हिस्से को वाहनों के चलने लायक बनाए रखने की कोशिश कर रही है। हालांकि, इलाके की भौगोलिक परिस्थितियों और बारिश के कारण अस्थायी व्यवस्था थोड़े समय में खराब हो जाती है। सरकार ने कहा कि रास्ते को लगातार चलने लायक बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं।

    मामले को गंभीरता से लेते हुए हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सचिव तथा हमीरपुर वन प्रभाग के प्रभागीय वन अधिकारी को भी मामले में पक्षकार बनाने का निर्देश दिया।

    कोर्ट ने अपने आदेश की प्रति एडिशनल सॉलिसिटर जनरल को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया, ताकि वह हमीरपुर के प्रभागीय वन अधिकारी को जरूरी NOC बिना किसी और देरी के जारी करने के लिए सूचित कर सकें।

    मामले की अगली सुनवाई 28 सितंबर 2026 को होगी।

    कोर्ट ने इस मामले को 'इन रि: रोड टू स्कूल, हमीरपुर बनाम उत्तर प्रदेश राज्य एवं अन्य' के नाम से दर्ज किया।

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