Top
Begin typing your search above and press return to search.
ताजा खबरें

मलयालम सिने अभिनेता दिलीप ने केरल हाईकोर्ट से अभिनेत्री पर यौन हमले मामले में सीबीआई जांच की मांग की

LiveLaw News Network
14 Jun 2018 11:46 AM GMT
मलयालम सिने अभिनेता दिलीप ने केरल हाईकोर्ट से अभिनेत्री पर यौन हमले मामले में सीबीआई जांच की मांग की
x

एक अभिनेत्री के अपहरण और यौन हमले से संबंधित अपराध में ट्रायल शुरू होने के साथ ही मलयालम सिने अभिनेता दिलीप, जो मामले के साजिशकर्ता होने के अपराध में 8 वें आरोपी के हैं, ने केरल उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की है जिसमें जांच सीबीआई को सौंपने की मांग की गई है। ये अपराध 18.02.2017 को हुआ था जब हमलावरों के एक गिरोह ने पीड़ित के वाहन में प्रवेश किया और उससे यौन उत्पीड़न किया। आरोप है कि इसे दिलीप के इशारे पर  अंजाम दिया गया।

अपनी याचिका में दिलीप ने कहा है कि पुलिस ने सभी हमलावरों को पकड़ लिया था और षड्यंत्र के आरोपों के बिना अप्रैल 2017 के दौरान अंतिम रिपोर्ट दायर की थी। उसके कुछ महीनों बाद जांच दल बदल दिया गया और षड्यंत्र के आरोप में उन्हें हिरासत में ले लिया गया। बाद की अंतिम रिपोर्ट उन्हें षड्यंत्रकार के रूप में 8 वें आरोपी बनाने के लिए दायर की गई, जबकि पहली अंतिम रिपोर्ट में षड्यंत्र कोण नहीं था।

उन्होंने आरोप लगाया कि फिल्म क्षेत्र में उनके दुश्मन जांच दल पर इस मामले में झूठी निंदा करने के लिए प्रबल हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अपराध में सह आरोपी ने अप्रैल 2017 के दौरान बाहरी बलों के प्रभाव में जेल से उनके करीब लोगों को फोन किया था।

यह कथित तौर पर उनके खिलाफ सबूत बनाने के इरादे से किया गया था और उन्होंने इसके बारे में राज्य पुलिस प्रमुख को शिकायत की थी। लेकिन उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। बाद में एक अन्य सह आरोपी को मामले से जोड़ने के लिए, दिलीप के एक सहयोगी को एक पत्र भेजने के लिए तैयार किया

 गया और इस पत्र को नकारात्मक सार्वजनिक राय बनाने के लिए मीडिया को जानबूझकर लीक किया गया था। उनके अनुसार उन्हें केवल उन सबूतों के आधार पर मामले में फंसाया गया है, जो जेल में रहते हुए सह आरोपी के माध्यम से कृत्रिम रूप से उत्पन्न हुए हैं।

उन्होंने यह भी तर्क दिया कि मेमोरी कार्ड और मोबाइल फोन के जब्त करने के संबंध में दो अंतिम रिपोर्टों में पुलिस संस्करण, जिसमें अपराध के दृश्य कथित रूप से संग्रहीत किए गए थे, विरोधाभासी थे।

उनके अनुसार, जांच उस वक्त अव्यवस्थित हुई  जब एडिशनल डीजीपी बी संध्या, जो कथित तौर पर उसकी पूर्व पत्नी मंजू वारियर की करीबी हैं, को अवैध तरीके से जांच में लाया गया था। आरोप लगाते हुए कि राज्य पुलिस उनके खिलाफ पक्षपातपूर्ण है, उन्होंने केंद्रीय जांच ब्यूरो द्वारा जांच की मांग की है।

दिलीप को 10 जुलाई को गिरफ्तार कर लिया गया था और उच्च न्यायालय द्वारा जमानत पर रिहा होने से पहले 85 दिनों तक वो हिरासत में रहे।

 इससे पहले उन्होंने मार्च 2018 के दौरान ट्रायल शुरु होने से कुछ दिन पहले उच्च न्यायालय में संशोधन याचिका दायर की थी, जिसमें हमले के दृश्यों वाले इलेक्ट्रॉनिक सबूतों को सौंपने की मांग की गई थी। हालांकि, अदालत ने याचिका पर सुनवाई नहीं की और कार्रवाई पर रोक लगाने से इनकार कर दिया।

Next Story