Top
Begin typing your search above and press return to search.
ताजा खबरें

एक साथ नहीं बल्कि टुकड़ों में नीलाम होगी सहारा की एंबी वैली, सुप्रीम कोर्ट ने दी हरी झंडी

LiveLaw News Network
8 Feb 2018 5:05 AM GMT
एक साथ नहीं बल्कि टुकड़ों में नीलाम होगी सहारा की एंबी वैली, सुप्रीम कोर्ट ने दी हरी झंडी
x

सहारा की एंबी वैली को एक साथ खरीदने के लिए कोई खरीदार नहीं मिल रहा है। बुधवार को रिसीवर ने चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस रंजन गोगोई और जस्टिस ए के सीकरी की बेंच को बताया और कहा कि अब एंबी वैली को अलग- अलग हिस्से करके ही नीलाम किया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने इस योजना पर मंजूरी दे दी है।

सुनवाई के दौरान बॉम्बे हाईकोर्ट लिक्विडेटर ने कोर्ट को बताया कि एंबी वैली की संपत्ति एक साथ खरीदने वाला नहीं मिल रहा है। इस संबंध में दो बार 142 अखबारों में विज्ञापन दिए गए। अब टुकडों में ही इस संपत्ति को बेचा जा सकता है क्योंकि महिंद्रा और पिरामल जैसी कंपनियां कुछ हिस्सा खरीदने में रुचि दिखा रही हैं।

बेंच को बताया गया कि एंबी वैली में गोल्फ कोर्स, इंटरनेशनल स्कूल, होटल, कंवेंशन हॉल, हवाई पट्टी आदि हैं जिन्हें अलग अलग करके बेचा जा सकता है। बेंच ने कहा कि इस तरीके से हिस्सों में बांटकर एंबी वैली को बेचा जा सकता है।

वहीं सहारा की ओर से पेश वरिष्ठ वकील विकास सिंह ने कहा कि कंपनी ने तमाम रिकार्ड के डिजिटलाइजेशन में 50 करोड रुपये खर्च किए हैं। ऐसे में अब सेबी को जल्द वैरिफिकेशन करने के लिए कहा जाए कि निवेशकों को पैसे वापस किए गए हैं या नहीं। उन्होंने कहा कि इस नीलामी को रोका जाना चाहिए क्योंकि सहारा को अब 4657 करोड रुपये ही जमा करने हैं।

लेकिन इस दौरान सेबी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अरविंद दातार ने कहा कि फिलहाल सहारा पर 11569 करोड रुपये बकाया हैं। सुप्रीम कोर्ट इस मामले की अगली सुनवाई 19 अप्रैल को करेगा।

इससे पहले सहारा- सेबी विवाद के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि 10 और 11 अक्टूबर को एंबी वैली की नीलामी होगी। सहारा समूह को किसी तरह की रियायत देने से इनकार करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने ऑफिशियल लिक्विडेटर द्वारा एंबी वैली की नीलामी प्रक्रिया पर बदलाव करने से इंकार कर दिया था।

तय कार्यक्रम के मुताबिक 10 और 11 अक्टूबर को मुंबई में एंबी वैली की नीलामी होनी थी। 17 अक्टूबर को नीलामी में अधिकतम बोली लगाने वालों को ई-मेल से जानकारी दी जानी थी। सफल बोलीकर्ता को 16 जनवरी 2018 तक पूरी रकम जमा करानी थी।

चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की बेंच ने सहारा को फटकार लगाते हुए कहा था कि अगर सहारा प्रमुख ये सोचते हैं कि वो कानून के साथ खेल सकते हैं तो वो तो वो गलत इंप्रेशन में हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कोर्ट कोई प्रयोगशाला नही है जहाँ बच्चे खेलने आते है। कोर्ट ने कहा कि सहारा प्रमुख कोर्ट को एक प्रयोगशाला की तरह ट्रीट कर रहे है। उन्हें यह समझने की जरूरत है कि वेंटिलेटर पर कोई अधिक दिन तक नहीं रह सकता।

सुनवाई के दौरान सहारा प्रमुख सुब्रत राय की ओर से दलील दी गई थी कि 24000 करोड़ की राशि मे से करीब 16 हजार करोड़ रुपये जमा करा चुके है। अब 8657 करोड़ बाकी है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि नीलामी के वक़्त बॉम्बे हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जरनल नीलामी के जगह यानी मुम्बई में व्यक्तिगत तौर पर मौजूद रहेंगे।

दरसअल 25 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने सहारा प्रमुख को 11 सितंबर तक 1500 करोड़ रुपये जमा कराने के आदेश दिए थे। सुप्रीम कोर्ट ने कहा एंबी वैली प्रॉपर्टी के नीलाम करने की प्रक्रिया शुरू हो। सुप्रीम कोर्ट ने कहा पहले बकाया पैसे जमा हो उसके बाद देखेंगे कि निवेशक को पैसा आपके कहे मुताबिक, मिला था या नही। हम ये भी देखेंगे कि वो निवेशक थे, काल्पनिक थे या चांद से आये थे।सुप्रीम कोर्ट ने सहारा की उस दलील को ठुकरा दिया था जिसमें उन्होंने बकाया 9017 करोड़ चुकाने के लिए डेढ़ साल का समय मांगा था।

Next Story