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कार्ति चिदंबरम के विदेश जाने पर रोक बरकरार रहेगी, सुप्रीम कोर्ट चार अक्तूबर को करेगा सुनवाई

LiveLaw News Network
22 Sep 2017 12:06 PM GMT
कार्ति चिदंबरम के विदेश जाने पर रोक बरकरार रहेगी, सुप्रीम कोर्ट चार अक्तूबर को करेगा सुनवाई
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कार्ति चिदंबरम के खिलाफ जारी लुक आउट सर्कुलर फिलहाल प्रभावी रहेगा। इसका मतलब है कि कार्ति विदेश नहीं जा पाएंगे। चार अक्टूबर तक लुकआउट नोटिस प्रभावी रहेगा और सुप्रीम कोर्ट अब चार अक्टूबर को सुनवाई करेगा।

शुक्रवार को चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की बेंच के सामने सुनवाई के दौरान एक ओर जहां सीबीआई ने कार्ति के विदेश जाने का विरोध किया कहा। ASG तुषार मेहता ने कहा कि कार्ति ने एजेंसी को विदेश में एक बैंक अकाउंट बताया लेकिन फाइनेंसियल इंटेलीजेंस यूनिट की रिपोर्ट के अनुसार उनके विदेशों में कई खाते हैं और  इन खातों से बडी रकम का लेनदेन हुआ हैं।  पिछली बार कार्ति विदेश गए तो खाते बंद भी किए।वहीं इसका विरोध करते हुए कार्ति की ओर  से पेश कपिल सिब्बल ने कहा कि अगर एजेंसी के पास इतने सबूत हैं तो कालेधन और फेमा मामले में उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

सीबीआई इस मामले में सील कवर में रिपोर्ट भी दाखिल करना चाहती थी।

पिछली सुनवाई में भी सीबीआई की ओर से ASG तुषार मेहता ने विरोध करते हुए कहा था कि  कार्ति के खिलाफ जांच जारी है। उनकी विदेशों में करीब 25 संपत्तियां हैं। जांच अभी नाजुक दौर में है। ऐसे  में विदेश जाने की इजाजत नहीं दी जा सकती।

वहीं कार्ति की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा था कि सीबीआई जांच के नाम पर उन्हें, उनके पिता और मां को प्रताडित किया जा रहा है। सीबीआई के सारे आरोप बेबुनियाद हैं और बेसिर पैर के हैं। उनकी व परिवार की सारी संपत्तियों का पूरा ब्यौरा आयकर विभाग के पास है। अगर विदेशों में उनकी कोई भी संपत्ति है तो उसे सरकार जब्त कर सकती है। इन आरोपों का लुक आउट सर्कुलर से कोई लेना देना नहीं है।

इससे पहले सीबीआई की ओर से पेश ASG तुषार मेहता चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस एनएम खानवेलकर और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड की बेंच के सामने कहा था कि कार्ति के खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं और विदेश यात्रा पर रोक नहीं हटाई जानी चाहिए। सीबीआई ने सील कवर में कुछ कागजात भी सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किए हैं।कि कार्ति के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी करने के पीछ ठोस वजह हैं। उनकी विदेशों में कई जगह संपत्ति है और एक नहीं बल्कि कई कंपनियों में शेयर हैं।

गौरतलब है कि 18 अगस्त को पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम के खिलाफ लुक आउट कार्नर नोटिस के मामले में सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कार्ति को 23 अगस्त कोसीबीआई के सामने पेश होने के निर्देश दिए थे। कोर्ट ने कहा था कि कार्ति को केस से संबंधित कागजात के साथ सीबीआई के सामने पेश हों। दिल्ली के सीबीआई हेडक्वार्टर में पेश होकर पूछताछ के वक्त कार्ति का वकील सीबीआई हेडक्वार्टर में दूसरे कमरे में रह सकता है। 23 अगस्त को कार्ति सीबीआई के सामने पेश हुए भी थे।

कार्ति की ओर से पेश गोपाल सुब्रमण्यम ने कहा  था कि उनका INX मीडिया से कोई लेना देना नहीं है। ना ही उन्होंने उस कंपनी के साथ कोई काम किया है।

इससे पहले 14 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम को दो टूक कह दिया था कि सीबीआई जांच में शामिल हुए बिना विदेश नहीं जा सकते। कोर्ट ने उनके खिलाफ जारी लुक आउट सर्कुलर फिर से प्रभावी कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाईकोर्ट के लुक आउट सर्कुलर पर अंतरिम रोक लगाने के आदेश पर स्टे लगा दिया था।10 अगस्त 2017 को मद्रास हाई कोर्ट ने पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के बेटे कार्ति को राहत देते हुए उनके खिलाफ जारी लुकआउट नोटिस पर अंतरिम रोक लगा दी थी। आइएनएक्स मीडिया मामले में गृह मंत्रालय के तहत आने वाले विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण अधिकारी और आव्रजन ब्यूरो ने कार्ति के खिलाफ 16 जून को नोटिस जारी किया था। यह मामला आइएनएक्स मीडिया को विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड की मंजूरी मिलने में भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़ा हुआ है। उस समय पी चिदंबरम देश के वित्त मंत्री थे।

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