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मुंबई में मैन होल में गिरने से डॉक्टर की हुई मौत के मामले में हाई कोर्ट में जनहित याचिका, म्युनिसिपल कमिश्नर के खिलाफ लापरवाही से मौत के मामला दर्ज करने की गुहार

LiveLaw News Network
1 Sep 2017 5:10 AM GMT
मुंबई में मैन होल में गिरने से डॉक्टर की हुई मौत के मामले में हाई कोर्ट में जनहित याचिका, म्युनिसिपल कमिश्नर के खिलाफ लापरवाही से मौत के मामला दर्ज करने की गुहार
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बॉम्बे हाई कोर्ट में पीआईएल दाखिल कर म्युनिसिपल कमिश्नर और अन्य अधिकारियों के खिलाफ डॉक्टर की मौत के मामले में केस दर्ज करने का निर्देश देने की गुहार लगाई है।

रीटेल ट्रेडर्स वेलफेयर असोसिएशन की ओर से अर्जी दाखिल कर कॉरपोरेशन के अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज करने की गुहार लगाते हुए कहा गया है कि ग्रेटर मुंबई में डॉक्टर दीपक अमरपुरकर की मौत इनकी लापरवाही के कारण हुई है। डॉक्टर अमरपुरकर 58 साल के थे और वह गेस्ट्रोलॉजिस्ट थे ब़ॉम्बे हॉस्पिटल में कार्यरत थे। 29 अगस्त को मुंबई में जिस दिन भारी बारिश हुई थी उस दिन अस्पताल से घर जाने के लिए निकले थे इसी दौरान हादसा हुआ था। उनकी पत्नी अंजली ने कहा था कि भारी बारिश हुई है और जल भराव हो गया है लिहाजा वह जल्दी निकल जाएं लेकिन इसी दौरान हादसा हुआ था।

जब डॉक्टर अमरपुरकर की कार पानी में फंसी तो उन्होंने रात के पौने आठ बजे पत्नी को कहा कि वह पैदल ही अब आएंगे क्योंकि जल भराव है और भारी ट्रैफिक है। दो घंटे तक जब वह नहीं पहुंचे तो पत्नी ने कॉल किया और ड्राइवर को कहा कि वह डॉक्टर अमरपुरकर की तलाश करें। अंदेशा था कि कहीं किसी मैन होल में न गिरे हों इसलिए फायर बिग्रेड को बुलाया गया। 36 घंटे बाद वर्ली के पास ओपन ड्रेन में उनकी बॉडी मिली थी। .बारिश के कारण मुंबई में 5 की मौत हुई थी और 12 लापता बताये गए हैं।

इसी सिलसिले में याचिका दायर कर कहा गया कि पुलिस को कहा जाए कि वह म्युनिसिपल कमिश्नर के खिलाफ आईपीसी की धारा-304 ए के तहत लापरवाही से मौत का मामला दर्ज किया जाए। साथ ही अन्य म्युनिसिपल कॉरपोरेशन के अधिकारियों के खिलाफ भी केस दर्ज करने की गुहार लगाई है।

याचिकाकर्ता ने इस मामले में एक एडवाइजरी कमिटी बनाने की गुहार लगाई है जिसमें ब्यूरोक्रेट और तकनीकी लोग शामिल हों जो मौजूदा मैन होल की इंस्पेक्शन करें और इसे स्ट्रीमलाइन करने के लिए क्या हो सकता है इसपर सुझाव दें। याचिका में कहा गया है कि बीएमसी एशिया का सबसे ज्यादा धनी बॉडी है लेकिन लापरवाही वाली हरकत की है और गैर जिम्मेदाराना रवैया अपनाया है। सड़कों पर ओपन मैनहोल छोड़ा गया है जो मौत का कुंआ है। याचिका में कहा गया है कि म्युनसिपिल कॉरपोरेशन को निर्देश दिया जाए कि वह 50 लाख रुपये किसी एनजीओ को भुगतान करे। पीआईएल में ये भी कहा गया है कि मैनहोल में लोहे का ग्रिल लगाया जाए ताकि इस तरह के हादसे को रोका जा सके।

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