Top
Begin typing your search above and press return to search.
मुख्य सुर्खियां

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा किसानों के लिए बनाई गई स्कीम लागू करने में लगेंगे एक साल

LiveLaw News Network
7 July 2017 12:28 PM GMT
केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा किसानों के लिए बनाई गई स्कीम लागू करने में लगेंगे एक साल
x



केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि किसानों के लिए जो स्कीम बनाई गई है उसे लागू करने के लिए एक साल का वक्त चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने इस दलील के बाद कहा कि केंद्र सरकार का लॉन्ग टर्म प्लान है और उसे लागू करने के  लिए वक्त की जरूरत है और केंद्र सरकार को छह महीेने का वक्त देते हुए कहा कि वह स्कीम पर अमल करे।

चीफ जस्टिस जेएस खेहर की अगुवाई वाली बेंच के सामे अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल की ओऱ से दलील दी गई कि केंद्र सरकार की तमाम स्कीम हैं और उससे 50 फीसदी किसान कवर हो रहे हैं। ऐसे में उसे लागू करने के लिए वक्त चाहिए। वेणुगोपाल ने इसके लिए एक साल का वक्त मांगा। फिलहाल 40 फीसदी किसान स्कीम में कवर हो रहा है लेकिन आने वाले 2018-19 में 50 फीसदी लोग कवर हो जाएंगे। कोर्ट को बताया गया कि 12 करोड़ किसान में 5 करोड़ 34 लाख इस स्कीम से कवर हो रहे हैं। अटॉर्नी जनरल ने कोर्ट को बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना सहित कई स्कीम बनाई गई है और तमाम लेवल पर काम चल रहा है। किसान क्रेडिट कार्ड ऑफर किया गया है। किसानों को तमाम लेवल पर प्रोटेक्ट करने की कोशिश की गई है।

याचिकाकर्ता के वकील कॉलिन गोंजाल्विस ने कहा कि सरकार ने प्राइवेट इंश्योरेंस कंपनियों को 13500 करोड़ दिए लेकिन फंड का इस्तेमाल नहीं हो रहा है।

अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा कि किसानों के आत्महत्या को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने लाइन ऑफ एक्शन तय किया है। सरकार ने 12 करोड़ किसानों में से 5.34 करोड़ किसानों को स्कीम में कवर किया है। 30 फीसदी फसल का इलाका सुरक्षित कर दिया गया है। 2018-19 में इलाका 50 फीसदी तक पहुंच जाएगा।

याचिकाकर्ता के वकील कॉलिन ने कहा कि स्कीम लागू करने में कमी है। किसानों के आत्महत्या को रोकने के लिए सही मंशा से काम करना होगा।

अटॉर्नी जनरल वेणुगोपाल ने कोर्ट से कहा कि इस मामले में स्कीम लागू करने के लिए एक साल का वक्त चाहिए। उन्होंने कोर्ट को अाश्वस्त किया कि एक साल में रिजल्ट दिखने लगेगा। कोर्ट ने कहा कि हम समझते हैं कि मामला गंभीर है और ये एक साल में नहीं हो सकता। हम इस बात के लिए तारीफ करेंगे अगर केंद्र याचिकाकर्ता से इस मामले में स्कीम अमल में लाने के बारे में सुझाव ले। अदालत ने सुनवाई छह महीने के लिए टाल दी है।

सुप्रीम कोर्ट किसानों के मुद्दे पर दाखिल याचिका पर सुनवाई कर रही है। किसान लोन नहीं चुका पाने के कारण आत्महत्या कर रहे हैं इसे रोकने के लिए सिटिजन रिसोर्स एंड एक्शन की ओर से याचिका दायर की गई है।





Next Story