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पद से हटाए जाने के खिलाफ केरला के पूर्व डीजीपी टी.पी सेनकुमार पहुंचे सुप्रीम कोर्ट

LiveLaw News Network
7 April 2017 11:52 AM GMT
पद से हटाए जाने के खिलाफ केरला के पूर्व डीजीपी टी.पी सेनकुमार पहुंचे सुप्रीम कोर्ट
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पद से हटाए जाने के खिलाफ केरला के पूर्व डीजीपी डाक्टर टी.पी सेनकुमार ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की है,उन्होंने केरल हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है,जिसमें प्रशासनिक ट्रिब्यूनल(ऐड्मिनिस्टेट्रिव ट्रिब्यूनल) के आदेश को सही ठहराया था।

इस ट्रिब्यूनल ने एल.डी.एफ सरकार के उस फैसले को सही माना था,जिसके तहत वर्ष 2016 स्टेट पुलिस चीफ के पद से सेनकुमार को हटा दिया गया था। केरला में जब एल.डी.एफ की सरकार बनी तो सेनकुमार को डीजीपी के पद से हटा दिया गया था और उनकी जगह लोकनाथ बेहरा को डीजीपी बना दिया गया था। सेनकुमार को राज्य के डेपुटेशन के आधार पर केरला पुलिस हाउसिंग एंड कंस्ट्रक्शन काॅरपोरेशन को चेयरमैन व मैनेजिंग डायरेक्टर बना दिया था।

सेनकुमार ने उनको पद से हटाए जाने के आदेश व केरला पुलिस एक्ट की धारा 97 (2) (ई) की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी थी,परंतु केरला हाईकोर्ट ने पिछली 27 जनवरी को उसकी याचिका को खारिज कर दिया।

अपनी याचिका में सेनकुमार ने बताया है कि केरला पुलिस एक्ट 2011 की धारा 97(1) के तहत ’स्टेट पुलिस चीफ’ के पद पर कम से कम दो साल की तैनाती की जाती है। वहीं शीर्ष कोर्ट ने प्रकाश सिंह केस में भी यही फैसला दिया था। उसका आरोप है कि विधानसभा चुनाव के नतीजे आते ही उसे एकदम से उसके पद से हटा दिया,यह चुनाव एल.डी.एफ ने जीता था। इस तरह राजनीतिक तरीके से उसे हटाना गलत है।’उसके ट्रांसफर का फैसला लेने के बाद जो कारण बताए गए है,जो साफ तौर पर राजनीतिक दुर्भावना को दर्शा रहे हैं’। इस मामले में राजनीतिक उद्देश्य से उसे हटाया गया ताकि उसे टी.पी चंद्राशेखरन हत्या मामले व सुकुर हत्या मामले की जांच से हटाया जा सकें क्योंकि यह दोनों हत्याएं राजनीति के चलते हुई थी,जिसमें सीपीआई (एम) के कार्यकर्ता आरोपी हैं।

याचिकाकर्ता के अनुसार उसके तबादले से राज्य की पुलिस भी प्रभावित हुई है क्योंकि एक जून 2016 के राजनीतिक हत्याएं बढ़ गई हैं।

अकेले कन्नूर जिले में एक साल में एक राजनीतिक हत्या हुई थी,परंतु पिछले आठ महीने में आठ से नौ राजनीतिक हत्याएं हो चुकी हैं। कोई भी ऐसी परिस्थिति नहीं थी जो केरला पुलिस एक्ट की धारा 97 (2) (ई) के तहत दिए गए अधिकारों को वापस ले ले।

उसके खिलाफ दो घटनाएं प्रयोग की गई है,जिनमें एक 9-10 अप्रैल 2016 को पुतिंगल टैंपल में हुई दुर्घटना से संबंधित है और दूसरी पेरूमबावोर एक्सएक्सएक्सएक्स हत्या मामला है,जिसमें घटना 28 अप्रैल 2016 की है। इन दोनों मामलों की पुलिस ने ठीक से जांच की थी और इन दोनों मामलों में उसकी तरफ से कोई लापरवाही नहीं बरती गई।

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