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यूपी की पेंशन योजना में 25 प्रतिशत कोटा अल्पसंख्यकों को देने का मामला-सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ दायर याचिका खारिज की

LiveLaw News Network
5 April 2017 11:27 AM GMT
यूपी की पेंशन योजना में 25 प्रतिशत कोटा अल्पसंख्यकों को देने का मामला-सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ दायर याचिका खारिज की
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सुप्रीम कोर्ट ने हिंदू फ्रंट फाॅर जस्टिस की तरफ से दायर उस स्पेशल लीव पैटिशन (एस.एल.पी) को खारिज कर दिया है,जो इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ दायर की गई थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि पेंशन योजना में 25 प्रतिशत कोटा अल्पसंख्यकों को देने का फैसला अवैध नहीं है।

हिंदू फ्रंट फाॅर जस्टिस ने इस मामले में जनहित याचिका दायर करते हुए यूपी सरकार के इस फैसले पर सवाल उठाया था। सरकार ने अपने फैसले में पेंशन योजना के तहत 25 प्रतिशत कोटा अल्पसंख्यकों के लिए आरक्षित कर दिया था। याचिकाकर्ता ने दलील दी कि इस तरह किसी विशेष समुदाय को इस तरह लाभ देना कानून में व्यवस्था(सब्स्क्राइड) नहीं है, अल्पसंख्क समुदाय विशेषतौर पर मुस्लिम को इस तरह आरक्षण देना संविधान में भी नहीं है। इससे देश की एकता प्रभावित होगी, जो कि संविधान के बनाने वालों के दिमाग में कभी नहीं रही होगी।

हाईकोर्ट की दो सदस्यीय खंडपीठ ने अपने 40 पेज के फैसले में याचिकाकर्ता द्वारा दी गई दलीलों को खारिज कर दिया था। हाईकोर्ट ने कहा था कि पेंशन के रूप में आर्थिक आरक्षण,जो कि कुल जनसंख्या के आधार पर एक उचित अनुपात में अल्पसंख्यकों को दिया गया है। ऐसे में यह आरक्षण जायज वर्गीकरण के आधार पर दिया गया है।

एस.एल.पी को तीन जजों की खंडपीठ ने मुख्य न्यायाधीश जे.एस.केहर की अध्यक्षता में सुना था। खंडपीठ ने इसे खारिज करते हुए कहा कि इस मामले में संविधान के अनुच्छेद 136 के तहत मिले अधिकारों के तहत हस्तक्षेप करने का कोई आधार नहीं बन रहा है।

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