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मद्रास हाईकोर्ट ने टीएएसएमएसी शराब की दुकानों को दी अनुमति, तीन दिन में एक बार हर व्यक्ति को बेच सकेंगे दो बोतल शराब

LiveLaw News Network
7 May 2020 4:05 PM GMT
मद्रास हाईकोर्ट ने टीएएसएमएसी शराब की दुकानों को दी अनुमति, तीन दिन में एक बार हर व्यक्ति को बेच सकेंगे दो बोतल शराब
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‘‘शराब खरीदने वालों के आर्डर के डिजिटल भुगतान और ऑनलाइन बुकिंग को प्रोत्साहित करने के लिए, हम यह निर्देश देते हैं कि जो लोग ऑनलाइन बुकिंग करते हैं और बैंकिंग चैनल के माध्यम से ऑनलाइन डिजिटल भुगतान करते हैं, उन्हें एक दिन में एक प्रकार की शराब की दो बोतलें खरीदने की अनुमति है। वहीं जो लोग ऑनलाइन भुगतान नहीं करते हैं और ऑनलाइन ऑर्डर बुक नहीं करते हैं (क्योंकि हो सकता है कि उनके पास ऐसी मोबाइल फोन की सुविधा न हो),उन्हें टोकन जारी किए जाएं और उसके आधार पर एक दिन में केवल 750 एमएल की एक बोतल खरीदने की अनुमति होगी।’’

तमिलनाडु राज्य में शराब की दुकानें खोलने से पहले ही मद्रास हाईकोर्ट ने बुधवार को लॉकडाउन के बीच शराब की बिक्री को विनियमित करने के लिए विस्तृत निर्देश जारी किए।

यह आदेश न्यायमूर्ति विनीत कोठारी और न्यायमूर्ति पुष्पा सत्यनारायण की खंडपीठ ने शराब की बिक्री पर ''पूर्ण प्रतिबंध'' लगाने से इनकार करते हुए दिया है।

याचिकाकर्ता बी रामकुमार आदित्यन ने सरकार की तरफ से 4 मई, 2020 को जारी उस आदेश को रद्द करने की मांग की थी, जिसमें यह अधिसूचित किया गया था कि 7 मई, 2020 से टीएएसएमएसी शराब की दुकानों को फिर से खोला जाएगा। याचिकाकर्ता ने दलील दी थी कि इस निर्णय से सोशल डिस्टेंसिंग के मानदंड हवा में उड़ जाएंगे और कोरोना वायरस का खतरा बढ़ जाएगा। वहीं पीठ ने इसी मुद्दे से जुड़ी अन्य याचिकाओं पर भी सुनवाई की।

इस तरह की किसी भी मांग को स्वीकार करने से इंकार करते हुए पीठ ने कुछ पूरक दिशा-निर्देश जारी किए हैं,जो लॉकडाउन के दौरान शराब की बिक्री के लिए सरकार द्वारा जारी किए गए दिशानिर्देशों के साथ ही लागू होंगे।

खरीदी सीमा

-थोक बिक्री की अनुमति नहीं होगी।

- किसी भी प्रकार की शराब की 750 एमएल की दो से अधिक बोतलें (जिसमें बीयर, वाइन आदि भी शामिल हैं) एक समय में एक ग्राहक को नहीं बेची जाएगी।

-एक ही ग्राहक सप्ताह में दो बार से अधिक शराब नहीं खरीद सकता है, जिसमें न्यूनतम तीन दिन का अंतर होगा।

डिजिटल भुगतान।

-नकदी देकर शराब की बिक्री प्रतिबंधित होगी बशर्ते खरीदार के पास मोबाइल फोन/ डिजिटल भुगतान की सुविधा नहीं है।

- ऐसी दुकानें जिनके पास ''डिजिटल भुगतान सुविधा''नहीं हैं, वे ई-भुगतान अनुप्रयोगों जैसे कि जीपेय, भीम आदि के माध्यम से भुगतान स्वीकार कर सकती हैं। जिससे अधिकारी बिक्री पर नजर रख पाएंगे और किसी से ओवरचार्जिंग भी नहीं की जा सकेगी।

-जो लोग शराब की ऑनलाइन बुकिंग करते हैं और बैंकिंग चैनलों के माध्यम से डिजिटल भुगतान करते हैं, उन्हें एक दिन में एक प्रकार की शराब की दो बोतलें खरीदने की अनुमति होगी।

-जो लोग ऑनलाइन भुगतान नहीं करते हैं/ ऑनलाइन ऑर्डर नहीं करते हैं, उन्हें टोकन के आधार पर एक दिन में केवल 750 मिलीलीटर की एक बोतल खरीदने की अनुमति होगी।

बिक्री बिल

प्रत्येक खरीद के लिए बिल जारी किया जाएगा,जिसमें संबंधित व्यक्ति/ खरीदार का नाम, पता और आधार कार्ड संख्या दर्ज किया जाए (यदि कोई भी इस नियम का उल्लंघन करता हुआ पाया जाता है और इस तथ्य को न्यायालय के संज्ञान में लाया गया तो उस दुकान को तुरंत बंद कर दिया जाएगा और उसे फिर से खोलने की अनुमति नहीं दी जाएगी)।

अन्य निर्देश

उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार से कहा है कि वह शराब खरीदने के लिए ऑनलाइन टोकन जारी करने पर विचार करने करें क्योंकि दुकानों पर ही टोकन जारी करने से सामाजिक दूरी के नियमों के लिए गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।

पीठ ने कहा है कि-

''हम निर्देश देते हैं कि राज्य और टीएएसएमएसी को तुरंत शराब की ऑनलाइन बिक्री और ऑनलाइन भुगतान के तरीकों पर विचार करना चाहिए। संबंधित व्यक्तियों को ऑनलाइन टोकन उसी समय दिए जा सकते हैं,जिनमें समय स्लॉट भी जारी कर दिया जाए। ताकि ग्राहक उस निर्धारित अवधि में जाकर और टोकन दिखाकर उसको बेची गई शराब ला सकता है या अपना टोकन संबंधित दुकानदार को दिखाकर अपनी शराब ला सकता है। इससे टीएएसएमएसी की दुकानों पर एकत्रित होने वाली भीड़ को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकेगा।''

पीठ ने साफ किया कि-

''शराब की ऑनलाइन बुकिंग का अपवाद केवल उन व्यक्तियों के लिए हो सकता है जिनके पास फोन की सुविधा उपलब्ध नहीं है और वे इसे ऑनलाइन बुक नहीं कर सकते हैं। ऐसे व्यक्तियों को टोकन जारी करने और शराब की बिक्री के लिए टीएएसएमएसी दुकानों में अलग काउंटर खोले जा सकते हैं। ताकि निर्धारित या अपनाए गए नियमों के अनुसार सामाजिक दूरी या शारीरिक दूरी को बनाए रखा जा सकें।''

इसके अलावा, रिटेल वेंडिंग दुकानों से जुड़ी बार को कार्य करने की अनुमति नहीं दी जाएगी और रिटेल वेंडिंग दुकानों से जुड़े ऐसे बार में प्रवेश द्वारों को बंद करके अच्छे से सील कर दिया जाएगा। वहीं सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीना प्रतिबंधित होगा।

सोमवार को इसी पीठ ने तमिलनाडु राज्य में शराब के निर्माण, बिक्री और उपभोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग वाली जनहित याचिका को खारिज कर दिया था। अदालत ने माना था कि राज्य की शराब की दुकानों को खोलना या फिर से खोलना एक ''राज्य नीति का मामला'' है और उसमें न्यायिक हस्तक्षेप अनुचित है।

इस आदेश का हवाला देते हुए व राज्य में ''आर्थिक गतिविधि की बहाली के संतुलन'' पर भी प्रकाश डालते हुए, अदालत ने शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने से इनकार कर दिया है।

इस बीच पीठ ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह प्रतिदिन के आधार पर ग्रीन, ऑरेंज, रेड और कंटेनर जोन में लगाए गए प्रतिबंधों व उपरोक्त दिशा-निर्देश के आधार पर शराब की बिक्री की लगातार निगरानी करें।

मुख्य रूप से, सरकार ने पहले से ही यह तय कर लिया है कि वह रेड जोन में शराब की दुकानें नहीं खोलेंगे। इसके अलावा, यह सुनिश्चित करने के लिए कि सोशल डिस्टेंसिंग नियमों का पालन किया जाए,इसके लिए सरकार ने शराब की खरीद के लिए आयु के ग्रुप के आधार पर अलग-अलग समय के स्लॉट अधिसूचित किए गए हैं।

अब इस मामले में 14 मई को सुनवाई होगी।

मामले का विवरण-

केस का शीर्षक- बी रामकुमार आदित्यन बनाम मुख्य सचिव, तमिलनाडु व अन्य।

केस नंबर-डब्ल्यूपी नंबर 7578/2020

कोरम- न्यायमूर्ति विनीत कोठारी और न्यायमूर्ति पुष्पा सत्यनारायण

प्रतिनिधत्व- वरिष्ठ अधिवक्ता आर वैगई, एडवोकेट्स के.बालू, वाई.कविथा, के.बालन हरिदास और अनिरुद्ध कृष्णन (याचिकाकर्ताओं के लिए) व एडवोकेट जनरल विजय नारायणन और एडिशनल एडवोकेट जनरल एस.आर राजगोपाल साथ में सरकारी वकील वी. जयप्रकाश नारायणन (राज्य के लिए) व वकील सथीश (टीएएसएमएसी के लिए)






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