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मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में "मध्य प्रदेश घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र" का उद्घाटन

LiveLaw News Network
14 July 2020 12:55 PM GMT
Writ Of Habeas Corpus Will Not Lie When Adoptive Mother Seeks Child
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शीघ्र और समय पर न्याय प्रदान करने और कामकाज आसान करने के लिए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में "मध्य प्रदेश घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र" का उद्घाटन किया।

यह अपनी तरह का देश में पहली तरह का केंद्र है, जिसका अनावरण मप्र उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति ए के मित्तल, न्यायमूर्ति संजय यादव, प्रशासनिक न्यायाधीश, जबलपुर और अन्य साथी न्यायाधीशों की उपस्थिति में 4 जुलाई, 2020 को किया गया।

इस केंद्र की इमारत हाईकोर्ट की बिल्डिंग में संलग्न है और इसका कामकाज मध्य प्रदेश पंचाट केंद्र (घरेलू और अंतरराष्ट्रीय) नियम, 2019 द्वारा शासित किया जाएगा, जैसा कि गजट अधिसूचना 6 सितंबर, 2019 को अधिसूचित किया गया है।

इस केंद्र की देखरेख बोर्ड ऑफ गवर्नर्स द्वारा की जाएगी जिसमें पांच वरिष्ठ उच्च न्यायालय के न्यायाधीश शामिल होंगे और केंद्र का एक निदेशालय भी है, जिसके निदेशक निदेशक वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी हैं।

यह केंद्र एक साल के भीतर विवाद के सौहार्दपूर्ण निपटारे की प्रो-बोनक आर्बिट्रेटर सुविधा या 6 महीने के भीतर निपटान के लिए फास्ट ट्रैक प्रक्रिया की सुविधा प्रदान करता है।

पक्षकार ये कर सकते हैं

मामले के मूल्य के अनुसार मानक शुल्क पर अपनी स्वयं की पसंद के मध्यस्थ का चयन करें;

किसी भी स्तर पर मध्यस्थता या सुलह के मामले को प्राथमिकता दें;

विशिष्ट मुद्दों पर विशेषज्ञ की नियुक्ति;

मध्यस्थता केंद्र में अंतरराष्ट्रीय विवादों को रखें;

ऑनलाइन अनुरोध करें और केंद्र से टेलीफोनिक समन्वय करें;

नाममात्र शुल्क के साथ अच्छे बुनियादी ढांचे और कुशल जनशक्ति समर्थन की सुविधा।

यह कुशल कर्मचारी, जिसमें विधि शोधकर्ता और न्यायिक अधिकारी शामिल हैं, मध्यस्थता की कार्यवाही में मध्यस्थों को पूर्ण सहायता प्रदान करेगा और मध्यस्थ को कोई अलग वर्कफोर्स की आवश्यकता नहीं होगी।

कार्यालय के सचिवालय, वेटिंग लाउंज, कैफेटेरिया, लाइब्रेरी और रिकॉर्ड रूम के साथ कई मध्यस्थता इकाइयां भी स्थापित की गई हैं।

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