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COVID19 कर्नाटक हाईकोर्ट व ट्रायल कोर्ट 24 मार्च से 6 अप्रैल तक बंद रहेंगी, सिर्फ अत्यंत आवश्यक मामलों को होगी सुनवाई

LiveLaw News Network
24 March 2020 4:30 AM GMT
COVID19   कर्नाटक हाईकोर्ट व ट्रायल कोर्ट 24 मार्च से 6 अप्रैल तक बंद रहेंगी, सिर्फ  अत्यंत आवश्यक मामलों को होगी सुनवाई
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कर्नाटक हाईकोर्ट और राज्य के सभी जिला व ट्रायल कोर्ट 24 मार्च से 6 अप्रैल तक बंद रहेंगी। इस अवधि में परिसीमा अधिनियम, 1963 की धारा 4 के उद्देश्य के तहत न्यायालय बंद रहेंगे।

सोमवार को जारी एक अधिसूचना के अनुसार, मुख्य न्यायाधीश ए.एस ओका ने बंद की अवधि के दौरान हाईकोर्ट में बेहद जरूरी मामलों की सुनवाई के लिए अदालतों के हॉल में बैठने के लिए कुछ न्यायाधीशों को नामांकित किया है। यह इन-चार्ज कोर्ट सिर्फ सुबह 11 बजे से दोपहर 12.30 बजे तक कार्य करेंगी। उन दिनों में कोई अन्य न्यायालय कार्य नहीं करेगा। बाकी दिनों में, सभी न्यायालय बंद रहेंगे।

मंगलवार 24 मार्च 2020 को, हाईकोर्ट में केवल 11.00 बजे से 12.30 बजे के बीच तत्काल या बहुत जरूरी मामलों को फाइल करने की अनुमति दी जाएगी।

सिविल प्रकृति की किसी अपील, याचिका या आवेदन को उसी दिन स्वीकार नहीं किया जाएगा , जिस दिन उसको दाखिल करने की अनुमति दी जाएगी, सिवाय उन मामलों में जहां अति आवश्यक अंतरिम आदेश लेने की मांग की जाती है जैसे स्टे ऑर्डर, अंतरिम निर्देश और अस्थायी निषेधाज्ञा आदि।

वहीं जहां तक आपराधिक मामलों की बात है तो आपराधिक अपील, आपराधिक संशोधन याचिकाएं, आपराधिक याचिकाएं ,जहां अति आवश्यक आदेश, रोक के आदेश और अंतरिम निर्देश आदि की मांग की जाती है,उनको उसी तारीख को रिसीव कर लिया जाएगा, जिस दिन दाखिल करने की अनुमति दी जाएगी।

हाईकोर्ट से संबंधित अधिसूचना में लिखा है कि ''कोर्ट के बंद होने की अवधि के दौरान, बार के सदस्यों या उनके पंजीकृत क्लर्कों को पहले से ही दायर मामलों में कार्यालय की आपत्तियों को सुधारने की अनुमति नहीं होगी। केवल प्रक्रिया शुल्क के भुगतान के लिए 26 मार्च, 2020 को सुबह 11.00 बजे से दोपहर 12.30 बजे के बीच प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।''

इसके अलावा यह भी कहा गया है कि ''21 मार्च 2020 के ज्ञापन के अनुसार हाईकोर्ट के परिसर में मुविक्कलों के प्रवेश पर रोक लगाने के लिए जारी किए गए निर्देश अगला नया आदेश जारी होने तक लागू रहेंगे या जब तक कि उन आदेशों में कोई संशोधन या बदलाव नहीं किया जाता है।

मेमो या ज्ञापन को मूव या दायर करने वाले बार के सदस्य और उनके पंजीकृत क्लर्क को ही बंद होने की अवधि के दौरान हाईकोर्ट के परिसर में प्रवेश करने की अनुमति दी जाएगी। वो भी सिर्फ उस दिन जिस दिन बेंच की बैठकें तय की जाएंगी या बेंच मामले की सुनवाई के लिए बैठेंगी। सभी मेमो या ज्ञापनों को उन विशेष पीठों के समक्ष दायर या मूव किया जाएगा,जिनको इसके लिए अधिसूचित किया गया है।''

26 मार्च गुरुवार को , 27 मार्च शुक्रवार को और 28 मार्च शनिवार , 2020 को हाईकोर्ट और उसका कार्यालय बंद रहेगा। 24 मार्च 2020 को, हाईकोर्ट का कार्यालय दोपहर 1.30 बजे तक ही काम करेगा। हालाँकि, गुरुवार 26 मार्च 2020 को, उस दिन अधिसूचित विशेष पीठों के कामकाज के लिए कुछ कर्मचारी मौजूद रहेंगे और कुछ निर्धारित कर्मचारी प्रक्रिया शुल्क स्वीकार करने के लिए सुबह 11 बजे से दोपहर 12.30 बजे के बीच फाइलिंग काउंटर पर उपलब्ध रहेंगे। गुरुवार 26 मार्च 2020 को केवल अतिआवश्यक मामले को ही दाखिल करने की अनुमति दी जाएगी, वो भी उस दिन बैठी बेंच के आदेशों के साथ।

30 मार्च 2020 से शुरू होने वाले सप्ताह में, केवल 31 मार्च 2020 को हाईकोर्ट और उसकी पीठ बैठेंगी। 30 मार्च 2020 को प्रातः 10.30 बजे जनहित याचिकाओं की सुनवाई के लिए प्रथम या पहली कोर्ट की विशेष बैठक होगी।

जिला न्यायालयों और ट्रायल कोर्ट के लिए जारी अधिसूचना के अनुसार ''जिला मुख्यालयों में प्रभारी न्यायालयों या इन-चार्ज कोर्ट के रूप में अधिकतम दो या तीन न्यायाधीश ही काम करेंगेे, जिनके बारे में संबंधित जिलों के यूनिट प्रमुखों / प्रिंसिपल जिला और सत्र न्यायाधीशों द्वारा तय किया जाएगा। रिमांड मामलों की सुनवाई शारीरिक रूप से या डिजिटल रूप से संबंधित न्यायिक मजिस्ट्रेट या विशेष न्यायाधीशों द्वारा की जाएगी,जैसा भी उनको अपने संबंधित गृह कार्यालयों के अनुसार उचित लगे।

अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश यदि नियमित रूप से तालुका में बैठ रहे हों, तो तालुका न्यायालयों के प्रभारी न्यायाधीश के रूप में सीनियर सिविल जज या सिविल जज और जेएमएफसी में से किसी एक-एक को नामित किया जाए। न्यायिक अधिकारियों और कर्मचारियों को रोटेशन के आधार पर प्रभारी नियुक्त किया जाएगा। "






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