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COVID-19:दिल्ली हाईकोर्ट ने सभी अंतरिम आदेशों की अवधि 15 मई तक बढ़ाई, अधीनस्थ अदालतों के आदेश भी शामिल

LiveLaw News Network
26 March 2020 3:45 AM GMT
COVID-19:दिल्ली हाईकोर्ट ने सभी अंतरिम आदेशों की अवधि 15 मई तक बढ़ाई, अधीनस्थ अदालतों के आदेश भी शामिल

केंद्र सरकार द्वारा घोषित राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के मद्देनज़र दिल्ली हाईकोर्ट ने निर्देश दिया है कि उसके द्वारा पारित अंतरिम आदेश और साथ ही उसकी अधीनस्थ अदालतें द्वारा दिए गए अंतरिम आदेश ,जो 16 मार्च तक लागू थे और अब समाप्त हो गए हैं या बाद में समाप्त हो जाएंगे, उन सभी को स्वत: 15 मई तक बढ़ाया जा रहा है।

इस मुद्दे पर स्वतः संज्ञान लेते हुए मुख्य न्यायाधीश डी.एन.पटेल, न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल और न्यायमूर्ति तलवंत सिंह की पूर्ण पीठ ने आदेश दिया कि-

''भारतीय संविधान के अनुच्छेद 226 और अनुच्छेद 227 के तहत पूर्वोक्त असाधारण परिस्थितियों के बारे में स्वतः संज्ञान लेते हुए यह आदेश दिया जा रहा है कि इस अदालत और इस अदालत के अधीनस्थ अदालतों के समक्ष लंबित सभी मामले, जिनमें दिए गए अंतरिम आदेश 16 मार्च 2020 तक जारी थे और वह समाप्त हो गए हैं या समाप्त हो जाएंगे, उन सभी आदेशों की अंतरिम अवधि स्वतः 15 मई 2020 तक या अगला कोई नया आदेश दिए जाने तक बढ़ जाएगी, सिवाय उन मामलों को छोड़कर, जिनमें इस बीच की अवधि के दौरान भारत के माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा कोई विपरीत आदेश पारित किया गया है।''

संविधान के अनुच्छेद 226 और अनुच्छेद 227 के तहत अपने असाधारण क्षेत्राधिकार का प्रयोग करते हुए इस मामले में हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया है। न्यायालय द्वारा दिए अंतरिम आदेशों के साथ-साथ अधीनस्थ न्यायालयों द्वारा पारित अंतरिम आदेशों के लिए उक्त निर्देश दिए गए हैं।

पीठ ने कहा कि,

"यह स्पष्ट करने की आवश्यकता नहीं है कि अंतरिम आदेश का पूर्वोक्त विस्तार यदि किसी पक्ष को बहुत ज्यादा कष्ट देता है तो उनको सलाह दी जाती है कि वे उचित राहत लेने के लिए स्वतंत्रत होंगे।"

न्यायालय ने उक्त आदेश को हाईकोर्ट की वेबसाइट पर अपलोड करने का भी निर्देश दिया है । साथ ही कहा है कि इस आदेश के बारे में सभी स्टैंडिंग काउंसिल, दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन, दिल्ली की अन्य सभी बार एसोसिएशनों, केंद्र सरकार, जीएनसीटीडी, डीडीए, नागरिक प्राधिकरण को भी सूचित किया जाना चाहिए। साथ ही सभी जिला न्यायालयों को भी इस आदेश से अवगत कराया जाए।

आदेश को लिखवाते हुए, अदालत ने अपनी प्रशासनिक समिति के दिनांक 13 मार्च 2020 के संकल्प या प्रस्ताव को भी उजागर किया, जिसमें अदालत के कामकाज को केवल जरूरी मामलों तक सीमित कर दिया गया था।

इसी समिति द्वारा बाद में जारी एक अधिसूचना में पिछली अधिसूचना के परिचालन या कार्यवाही को 4 अप्रैल तक बढ़ा दिया गया था।

न्यायालय ने 24 मार्च 2020 को केंद्र सरकार द्वारा जारी अधिसूचना का भी हवाला दिया, जिसमें COVID-19 के प्रसार को रोकने के लिए मजबूत उपाय लागू किए गए हैं और 25 मार्च 2020 से 21 दिनों की अवधि के लिए राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन की घोषणा की गई है।

यह भी उल्लेख किया गया कि-

"दिल्ली राज्य लॉकडाउन और अदालतों के अत्यंत सीमित कामकाज को देखते हुए, नियमित मामलों को अप्रैल महीने की विशेष तारीखों के लिए पूर्ण रूप से स्थगित कर दिया गया है। चूंकि अधिवक्ता और वादकर्ता उक्त मामलों में उपस्थित होने की स्थिति में नहीं हैं। बल्कि मामलों में भी नहीं, जिनमें इस अदालत द्वारा या इस अदालत के अधीनस्थ न्यायालयों द्वारा 16 मार्च 2020 को या उससे पहले रोक के आदेश/जमानत/पैरोल दी थी।"




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