MP राजनीतिक संकट : फ्लोर टेस्ट कराने की BJP की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया, बुधवार को सुनवाई

LiveLaw News Network

17 March 2020 6:21 AM GMT

  • MP राजनीतिक संकट : फ्लोर टेस्ट कराने की BJP की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया, बुधवार को सुनवाई

    मध्य प्रदेश विधानसभा में कमलनाथ सरकार के बहुमत साबित करने के लिए भारतीय जनता पार्टी के नेता शिवराज सिंह चौहान और नौ अन्य भाजपा विधायकों द्वारा दायर रिट याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को नोटिस जारी किया है। मामला बुधवार सुबह 10.30 बजे के लिए सूचीबद्ध किया गया है।

    जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस हेमंत गुप्ता की पीठ के समक्ष याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने प्रस्तुत किया कि यह लोकतंत्र का एक तमाशा है कि मामले में विपरीत पक्ष ने उपस्थिति दर्ज नहीं की।

    न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने कहा कि दूसरे पक्ष को भी सुनना होगा। पीठ ने विधानसभा के प्रमुख सचिव और मुख्यमंत्री कमलनाथ को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

    वहीं पीठ ने कांग्रेस के 16 बागी विधायकों को भी पक्षकार बनने की अनुमति दे दी है। उनकी ओर से वरिष्ठ वकील मनिंदर सिंह ने पीठ को बताया कि उन्होंने अपनी मर्जी से इस्तीफा दिया है।

    पीठ ने कहा कि कोर्ट के आदेश की ईमेल, व्हाट्सएप, दस्ती कॉपी के माध्यम से सूचना दी जाएगी। बागी विधायकों के आवेदन की प्रति भी दी जानी चाहिए।

    दरअसल मध्य प्रदेश में कांग्रेस और बीजेपी के बीच चल रही राजनीतिक लड़ाई का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। सुप्रीम कोर्ट में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान समेत दस विधायकों ने याचिका दाखिल कर विधानसभा स्पीकर को तुरंत फ्लोर टेस्ट कराने के निर्देश देने की मांग की है।

    इस याचिका में कहा गया है कि राज्य में विधायकों की खरीद- फरोख्त जोरों पर है और ऐसे में तुरंत फ्लोर टेस्ट कराया जाना चाहिए। याचिकाकर्ता ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के 12 घंटे में फ्लोर टेस्ट कराया जाना चाहिए।

    दरअसल कोरोना की वजह से कमलनाथ सरकार को फ्लोर टेस्ट से फिलहाल राहत मिल गई है। स्पीकर ने मध्य प्रदेश विधानसभा को 26 मार्च तक के लिए स्थगित कर दिया है जबकि राज्यपाल लालजी टंडन ने स्पीकर को 16 मार्च को फ्लोर टेस्ट के जरिए बहुमत परीक्षण कराने के लिए पत्र लिखा था।

    बेंगलुरु में रखे गए सिंधिया खेमे के विधायक फिलहाल कहां हैं यह फिलहाल साफ नहीं है। सिंधिया के बीजेपी में शामिल होने से पहले ही ये विधायक बेंगलुरु भेज दिए गए थे।

    वहीं कांग्रेस ने अपने विधायकों को जयपुर में रखा था और रविवार को इन विधायकों को भोपाल लाया गया। यहां इन्हें होटल में रखा गया था। वहीं बीजेपी के विधायकों को मानेसर से रविवार की देर रात को भोपाल लाया गया।

    इस बीच स्पीकर ने कांग्रेस के छह विधायकों का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। कुल 230 सदस्यीय विधानसभा में दो स्थान रिक्त हैं। अब कांग्रेस के 108, बीजेपी के 107, बीएसपी के दो, एसपी का एक और निर्दलीय चार विधायक बचे हैं। विधानसभा में सदस्यों की कुल संख्या 222 रह गई है। लिहाजा बहुमत के लिए 112 विधायकों की जरूरत होगी।

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