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सुप्रीम कोर्ट ने सीताराम येचुरी को CPI( M) नेता तारिगामी से मिलने श्रीनगर जाने की अनुमति दी

LiveLaw News Network
28 Aug 2019 8:09 AM GMT
सुप्रीम कोर्ट ने सीताराम येचुरी को CPI( M) नेता तारिगामी से मिलने श्रीनगर जाने की अनुमति दी
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सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के महासचिव सीताराम येचुरी को हिरासत में लिए गए पार्टी नेता मोहम्मद यूसुफ तारिगामी से मिलने के लिए कश्मीर की यात्रा करने की अनुमति दे दी।

CJI रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति एस ए बोबडे और न्यायमूर्ति एस अब्दुल नज़ीर की पीठ ने कहा कि नागरिकों को जम्मू और कश्मीर जाने की अनुमति होनी चाहिए।

जब सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने आपत्ति की कि ये यात्रा राजनीतिक है और इससे अशांति हो सकती है तो पीठ ने कहा कि इस यात्रा का इस्तेमाल राजनीतिक उद्देश्यों के लिए नहीं किया जाना चाहिए। पीठ ने कहा कि येचुरी वापस आकर सुप्रीम कोर्ट में रिपोर्ट दाखिल करेंगे। अगर कोई और काम किया गया तो ये सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन होगा।

वहीं पीठ ने कानून स्नातक मोहम्मद अलीम सैयद को अपने माता-पिता से मिलने के लिए अनंतनाग की यात्रा करने की भी अनुमति दी। पीठ ने कहा कि सरकार उनकी यात्रा और सुरक्षा का इंतजाम करेगी।

येचुरी ने कुलगाम के चार बार के माकपा विधायक तारिगामी की हिरासत को चुनौती देने वाली हैबियस कॉरपस याचिका दायर की थी। येचुरी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील राजू रामचंद्रन ने पीठ को बताया कि 72 वर्षीय नेता ठीक नहीं हैं। येचुरी उनसे मिलने के लिए 9 अगस्त को श्रीनगर गए थे लेकिन हवाई अड्डे पर उन्हें हिरासत में लिया गया था।

तारिगामी से मिलने की अपनी योजना के बारे में जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल को अग्रिम जानकारी देने के बावजूद उन्हें "कानून और व्यवस्था की समस्याओं" का हवाला देते हुए अनुमति नहीं दी गई। तारिगामी की निरंतर हिरासत जीने के मौलिक अधिकार का उल्लंघन है और संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत व्यक्तिगत स्वतंत्रता की गारंटी दी गई है। येचुरी का कहना है कि उम्र से संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे तारिगामी के ठिकाने के बारे में पूरी तरह से जानकारी न होने के कारण वो ये याचिका दाखिल करने के लिए बाध्य हुए हैं।

जामिया मिल्लिया इस्लामिया के कानून स्नातक मोहम्मद अलीम सैयद जो वर्तमान में दिल्ली में एक वकील के साथ काम कर रहे हैं, ने याचिका दायर की थी कि उन्हें 4/5 अगस्त की रात से कश्मीर में अपने माता-पिता और भाई की कोई सूचना नहीं मिली है। कानून की पढ़ाई करने के लिए 2014 में अनंतनाग से दिल्ली चले आए सैंयद ने कहा कि उन्होंने अपने माता-पिता के बारे में जानकारी के लिए उपायुक्त अनंतनाग से संपर्क करने की कोशिश की थी लेकिन प्रयास सफल नहीं हुआ। उन्होंने आशंका जताई कि उनके माता-पिता को हिरासत में लिया गया है।

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