Begin typing your search above and press return to search.
ताजा खबरें

दक्षिण 24 परगना जिले में COVID के बाद वृद्ध महिलाओं को वेश्यावृत्ति में धकेल दिया गया? सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार से रिपोर्ट देखने को कहा

Brij Nandan
13 May 2022 2:56 AM GMT
दक्षिण 24 परगना जिले में COVID के बाद वृद्ध महिलाओं को वेश्यावृत्ति में धकेल दिया गया? सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार से रिपोर्ट देखने को कहा
x

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल राज्य को इस मुद्दे पर गौर करने के लिए कहा कि पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में, 'वृद्ध आयु वर्ग की महिलाओं' को COVID-19 महामारी के बाद वेश्यावृत्ति के लिए मजबूर किया जा रहा है।

जस्टिस एल नागेश्वर राव और जस्टिस बी.आर. गवई देश भर में यौनकर्मियों के लिए विभिन्न लाभों की मांग करने वाली एक याचिका पर सुनवाई कर रहे थे।

एमिकस क्यूरी पीयूष के रॉय ने कोर्ट को अवगत कराया कि समाचार रिपोर्टों के अनुसार, पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में वृद्ध महिलाएं, विशेष रूप से गरीब परिवारों से हैं, महामारी के बाद से वेश्यावृत्ति में धकेला जा रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार को इसकी जानकारी होने के बावजूद भी कोई एहतियाती कदम नहीं उठाया गया।

प्रस्तुत किया,

"दक्षिण 24 परगना (पश्चिम बंगाल) में, वृद्ध महिलाओं को इस उद्देश्य के लिए महामारी के कारण उनकी गरीबी के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। यौर लॉर्डशिप राज्य सरकार को इस पर गौर करने का निर्देश दे सकती है। वे जानते हैं। राज्य सरकार द्वारा कोई एहतियाती कदम नहीं उठाया है।"

अपने नोट में, एमिकस ने द प्रिंट की वेबसाइट पर प्रकाशित एक आर्टिकल का उल्लेख किया, जिसमें पश्चिम बंगाल के सुंदरबन डेल्टा क्षेत्र में महिलाओं की दुर्दशा को कवर किया गया था।

आर्टिकल में कहा गया है कि जलवायु परिवर्तन के साथ महामारी अब वृद्ध महिलाओं, यहां तक कि दादी-नानी को भी व्यापार में धकेल रही है। जिन तस्करों को तालाबंदी के कारण युवा महिलाओं को पकड़ना मुश्किल हो रहा था, उन्होंने ध्यान केंद्रित किया और गरीबी का लाभ उठाकर, पश्चिम बंगाल के कोस्टा क्षेत्रों की वृद्ध महिलाओं को वेश्यावृत्ति में डाल दिया।

एमिकस क्यूरी के अनुरोध पर पीठ ने पश्चिम बंगाल राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील से इस मुद्दे को देखने और मंगलवार (17 मई) को मामले की सुनवाई के समय जवाब देने के लिए कहा।

केस का शीर्षक: बुद्धदेव कर्मस्कर बनाम पश्चिम बंगाल राज्य एंड अन्य। आपराधिक अपील संख्या 135 ऑफ 2010



Next Story