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मोइत्रा मानहानि : दिल्ली हाईकोर्ट ने सेशन कोर्ट के सुधीर चौधरी के खिलाफ मानहानि कार्रवाई पर रोक लगाने के फैसले को किया रद्द

LiveLaw News Network
17 Oct 2019 9:03 AM GMT
मोइत्रा मानहानि : दिल्ली हाईकोर्ट ने सेशन कोर्ट के सुधीर चौधरी के खिलाफ मानहानि कार्रवाई पर रोक लगाने के फैसले को किया रद्द
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दिल्ली उच्च न्यायालय ने गुरुवार को सेशन जज द्वारा सांसद महुआ मोइत्रा द्वारा ज़ी न्यूज़ के संपादक सुधीर चौधरी के खिलाफ मानहानि की कार्यवाही को रोकने के आदेश को रद्द कर दिया। न्यायमूर्ति बृजेश सेठी की पीठ ने मोइत्रा के आवेदन को अनुमति देते हुए यह आदेश पारित किया।

दरअसल तृणमूल कांग्रेस की सांसद ने संसद में 25 जून के अपने भाषण पर आयोजित एक शो के सिलसिले में ज़ी न्यूज़ और उसके एडिटर-इन-चीफ सुधीर चौधरी के खिलाफ दायर मानहानि शिकायत की कार्रवाई पर रोक लगाने के सत्र न्यायालय के आदेश को चुनौती दी थी। उन्होंने दलील दी थी कि सत्र अदालत को मानहानि की कार्यवाही में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए था क्योंकि मामला समन पूर्व के चरण में था।

चौधरी के वकील का तर्क

सुनवाई के दौरान चौधरी के वकील ने तर्क दिया था कि वर्तमान दलील कायम नहीं है क्योंकि उन्होंने मानहानि की शिकायत में कथित तथ्यों को छिपाने के लिए सांसद के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी और इसके परिणामस्वरूप सत्र न्यायालय ने कार्रवाई पर रोक लगा दी थी।उन्होंने यह भी कहा था कि इस तरह के एक आवेदन को किसी भी स्तर पर दाखिल किया जा सकता है।

मोइत्रा के वकील का तर्क

वहीं मोइत्रा के वकील ने तर्क दिया था कि सत्र अदालत को "प्रस्तावित" अभियुक्त के खिलाफ कार्यवाही पर रोक नहीं लगानी चाहिए थी।

उन्होंने कहा कि आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 340 के तहत आवेदन को पहले मजिस्ट्रेट अदालत के समक्ष दाखिल किया गया था जो मानहानि की शिकायत पर सुनवाई कर रही थी। हालांकि मजिस्ट्रेट अदालत ने कार्यवाही स्थगित कर दी थी और आवेदन पर सुनवाई की एक और तारीख तय की थी। मोइत्रा के वकीलों ने कहा और इस स्थगन आदेश के खिलाफ चौधरी ने सत्र अदालत में अर्जी दी थी।

गौरतलब है कि अपनी मानहानि शिकायत में मोइत्रा ने कहा है कि उनका 25 जून का भाषण संयुक्त राज्य अमेरिका के एक संग्रहालय में लगे पोस्टर से प्रेरित था जिसमें फासीवाद के 14 शुरुआती संकेत थे और उन्होंने स्रोत को "स्पष्ट रूप से जिम्मेदार ठहराया" था क्योंकि उन्होंने कहा था कि ये संकेत उसी पोस्टर से लिया गया था।

यह थी शिकायत

शिकायत में दावा किया गया कि समाचार चैनल ने वो प्रसारण चलाया जिसमें उसने कहा कि मोइत्रा ने संसद में दिए गए अपने "घृणा से भरे भाषण" को फैलाया है। इसके बाद ज़ी न्यूज़ ने मोइत्रा के खिलाफ मीडिया में कथित रूप से चैनल के खिलाफ बयान देने के लिए मानहानि की शिकायत दर्ज की। न्यूज चैनल के खिलाफ कथित मानहानि का बयान तब दिया गया जब वह अपने खिलाफ लगे आरोपों पर पत्रकारों से बात कर रही थीं।

चैनल द्वारा मानहानि की शिकायत पर मोइत्रा को 25 अक्टूबर को मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश होने के लिए कहा गया है।

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